1 मार्च 2029 को बोस्टन का पंचांग

गुरुवार, 1 मार्च 2029, बोस्टन, संयुक्त राज्य। समय America/New_York में है।

गुरुवार, 1 मार्च 2029 को बोस्टन में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (08:31 तक), नक्षत्र उत्तरा फाल्गुनी (01:55, 2 मार्च तक) और योग धृति है। सूर्योदय 06:19 पर और सूर्यास्त 17:34 पर है। राहुकाल 13:21 से 14:45 तक है।

दिन और रात
दिन 06:19 – 17:34
रात 06:17 तक
तिथि
द्वितीया, 04:48 तक
तृतीया
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी, 01:55 तक
हस्त
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 मार्च 2029 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 08:31 तक
कृष्ण द्वितीया 04:48, 2 मार्च तक
कृष्ण तृतीया 01:14, 3 मार्च तक
नक्षत्र
उत्तरा फाल्गुनी 01:55, 2 मार्च तक
हस्त 23:05, 2 मार्च तक
योग
धृति 09:33 तक
शूलअशुभ 05:19, 2 मार्च तक
गंडअशुभ 01:11, 3 मार्च तक
करण
कौलव 08:31 तक
तैतिल 18:39 तक
गर 04:48, 2 मार्च तक
वणिज 15:00, 2 मार्च तक
चंद्र राशि
सिंह 10:07 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:19
सूर्यास्त
17:34
चंद्रोदय
19:13
चंद्रास्त
06:23
दिनमान
11h 15m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:36 – 05:27
अभिजीत मुहूर्त
11:34 – 12:19

अशुभ समय

राहुकाल
13:21 – 14:45
यमगंड
06:19 – 07:43
गुलिक काल
09:07 – 10:32

1 मार्च 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:19 – 07:43शुभ
रोग07:43 – 09:07टालें
उद्वेग09:07 – 10:32टालें
चर10:32 – 11:56सामान्य
लाभ11:56 – 13:21शुभ
अमृत13:21 – 14:45शुभ
काल14:45 – 16:10टालें
शुभ16:10 – 17:34शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:34 – 19:09शुभ
चर19:09 – 20:45सामान्य
रोग20:45 – 22:20टालें
काल22:20 – 23:55टालें
लाभ23:55 – 01:31शुभ
उद्वेग01:31 – 03:06टालें
शुभ03:06 – 04:42शुभ
अमृत04:42 – 06:17शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:1907:15दिन
मंगल07:1508:11दिन
सूर्य08:1109:07दिन
शुक्र09:0710:04दिन
बुध10:0411:00दिन
चंद्र11:0011:56दिन
शनि11:5612:53दिन
गुरु12:5313:49दिन
मंगल13:4914:45दिन
सूर्य14:4515:41दिन
शुक्र15:4116:38दिन
बुध16:3817:34दिन
चंद्र17:3418:38रात
शनि18:3819:41रात
गुरु19:4120:45रात
मंगल20:4521:48रात
सूर्य21:4822:52रात
शुक्र22:5223:55रात
बुध23:5500:59रात
चंद्र00:5902:03रात
शनि02:0303:06रात
गुरु03:0604:10रात
मंगल04:1005:13रात
सूर्य05:1306:17रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
3 मार्च 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
7 मार्च 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
10 मार्च 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
12 मार्च 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
14 मार्च 2029चैत्र अमावस्याअमावस्या
14 मार्च 2029मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश
19 मार्च 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
26 मार्च 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
27 मार्च 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
29 मार्च 2029अधिक चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां बोस्टन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2645° (लाहिड़ी)। समय बोस्टन (America/New_York) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।