10 नवंबर 2029 को बोस्टन का पंचांग

शनिवार, 10 नवंबर 2029, बोस्टन, संयुक्त राज्य। समय America/New_York में है।

शनिवार, 10 नवंबर 2029 को बोस्टन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (08:44 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (13:06 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 06:29 पर और सूर्यास्त 16:26 पर है। राहुकाल 08:58 से 10:13 तक है।

दिन और रात
दिन 06:29 – 16:26
रात 06:30 तक
तिथि
षष्ठी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 13:06 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 नवंबर 2029 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 08:44 तक
शुक्ल षष्ठी 07:41, 11 नव॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 12:52, 11 नव॰ तक
योग
शूलअशुभ 03:54, 11 नव॰ तक
गंडअशुभ 02:24, 12 नव॰ तक
करण
बालव 08:44 तक
कौलव 20:07 तक
तैतिल 07:41, 11 नव॰ तक
चंद्र राशि
धनु 18:58 तक
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:29
सूर्यास्त
16:26
चंद्रोदय
11:06
चंद्रास्त
20:57
दिनमान
9h 57m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:37 – 05:33
अभिजीत मुहूर्त
11:08 – 11:47

अशुभ समय

राहुकाल
08:58 – 10:13
यमगंड
12:42 – 13:57
गुलिक काल
06:29 – 07:43

10 नवंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:29 – 07:43टालें
शुभ07:43 – 08:58शुभ
रोग08:58 – 10:13टालें
उद्वेग10:13 – 11:27टालें
चर11:27 – 12:42सामान्य
लाभ12:42 – 13:57शुभ
अमृत13:57 – 15:12शुभ
काल15:12 – 16:26टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ16:26 – 18:12शुभ
उद्वेग18:12 – 19:57टालें
शुभ19:57 – 21:43शुभ
अमृत21:43 – 23:28शुभ
चर23:28 – 01:14सामान्य
रोग01:14 – 02:59टालें
काल02:59 – 04:45टालें
लाभ04:45 – 06:30शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:2907:19दिन
गुरु07:1908:08दिन
मंगल08:0808:58दिन
सूर्य08:5809:48दिन
शुक्र09:4810:38दिन
बुध10:3811:27दिन
चंद्र11:2712:17दिन
शनि12:1713:07दिन
गुरु13:0713:57दिन
मंगल13:5714:47दिन
सूर्य14:4715:36दिन
शुक्र15:3616:26दिन
बुध16:2617:37रात
चंद्र17:3718:47रात
शनि18:4719:57रात
गुरु19:5721:07रात
मंगल21:0722:18रात
सूर्य22:1823:28रात
शुक्र23:2800:38रात
बुध00:3801:49रात
चंद्र01:4902:59रात
शनि02:5904:09रात
गुरु04:0905:20रात
मंगल05:2006:30रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
16 नव॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
16 नव॰ 2029वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
18 नव॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
20 नव॰ 2029कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
24 नव॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
28 नव॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
1 दिस॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
3 दिस॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
5 दिस॰ 2029मार्गशीर्ष अमावस्याअमावस्या
8 दिस॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां बोस्टन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2742° (लाहिड़ी)। समय बोस्टन (America/New_York) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।