5 सितंबर 2025 को शिकागो का पंचांग

शुक्रवार, 5 सितंबर 2025, शिकागो, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

शुक्रवार, 5 सितंबर 2025 को शिकागो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल त्रयोदशी (16:43 तक), नक्षत्र श्रवण (13:08 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 06:20 पर और सूर्यास्त 19:16 पर है। राहुकाल 11:11 से 12:48 तक है।

दिन और रात
दिन 06:20 – 19:16
रात 06:21 तक
तिथि
त्रयोदशी, 16:43 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
श्रवण, 13:08 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 सितंबर 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल त्रयोदशी 16:43 तक
शुक्ल चतुर्दशी 15:11, 6 सित॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 13:08 तक
धनिष्ठा 12:25, 6 सित॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 01:21, 6 सित॰ तक
सुकर्मा 22:52, 6 सित॰ तक
करण
तैतिल 16:43 तक
गर 04:01, 6 सित॰ तक
वणिज 15:11, 6 सित॰ तक
चंद्र राशि
मकर 00:51, 6 सित॰ तक
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:20
सूर्यास्त
19:16
चंद्रोदय
18:28
चंद्रास्त
03:36
दिनमान
12h 56m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:52 – 05:36
अभिजीत मुहूर्त
12:22 – 13:14

अशुभ समय

राहुकाल
11:11 – 12:48
यमगंड
16:02 – 17:39
गुलिक काल
07:57 – 09:34

5 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:20 – 07:57सामान्य
लाभ07:57 – 09:34शुभ
अमृत09:34 – 11:11शुभ
काल11:11 – 12:48टालें
शुभ12:48 – 14:25शुभ
रोग14:25 – 16:02टालें
उद्वेग16:02 – 17:39टालें
चर17:39 – 19:16सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग19:16 – 20:39टालें
काल20:39 – 22:02टालें
लाभ22:02 – 23:26शुभ
उद्वेग23:26 – 00:49टालें
शुभ00:49 – 02:12शुभ
अमृत02:12 – 03:35शुभ
चर03:35 – 04:58सामान्य
रोग04:58 – 06:21टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:2007:25दिन
बुध07:2508:30दिन
चंद्र08:3009:34दिन
शनि09:3410:39दिन
गुरु10:3911:44दिन
मंगल11:4412:48दिन
सूर्य12:4813:53दिन
शुक्र13:5314:58दिन
बुध14:5816:02दिन
चंद्र16:0217:07दिन
शनि17:0718:11दिन
गुरु18:1119:16दिन
मंगल19:1620:12रात
सूर्य20:1221:07रात
शुक्र21:0722:02रात
बुध22:0222:58रात
चंद्र22:5823:53रात
शनि23:5300:49रात
गुरु00:4901:44रात
मंगल01:4402:40रात
सूर्य02:4003:35रात
शुक्र03:3504:30रात
बुध04:3005:26रात
चंद्र05:2606:21रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
5 सित॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
7 सित॰ 2025भाद्रपद पूर्णिमापूर्णिमा
10 सित॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
14 सित॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
16 सित॰ 2025कन्या संक्रांतिसूर्य का कन्या में प्रवेश
17 सित॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
19 सित॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
21 सित॰ 2025आश्विन अमावस्याअमावस्या
25 सित॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
3 अक्टू॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
4 अक्टू॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी

तिथियां शिकागो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2158° (लाहिड़ी)। समय शिकागो (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।