1 अक्टूबर 2025 को शिकागो का पंचांग

बुधवार, 1 अक्टूबर 2025, शिकागो, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

बुधवार, 1 अक्टूबर 2025 को शिकागो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (08:31 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (22:43 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 06:47 पर और सूर्यास्त 18:31 पर है। राहुकाल 12:39 से 14:07 तक है।

दिन और रात
दिन 06:47 – 18:31
रात 06:48 तक
तिथि
दशमी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 22:43 तक
श्रवण
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 अक्टूबर 2025 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल नवमी 08:31 तक
शुक्ल दशमी 08:41, 2 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 23:04, 2 अक्टू॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 14:03 तक
सुकर्मा 12:58, 2 अक्टू॰ तक
करण
कौलव 08:31 तक
तैतिल 20:42 तक
गर 08:41, 2 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:47
सूर्यास्त
18:31
चंद्रोदय
15:55
चंद्रास्त
00:04
दिनमान
11h 44m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:09 – 05:58
अभिजीत मुहूर्त
12:16 – 13:03 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:39 – 14:07
यमगंड
08:15 – 09:43
गुलिक काल
11:11 – 12:39

1 अक्टूबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:47 – 08:15शुभ
अमृत08:15 – 09:43शुभ
काल09:43 – 11:11टालें
शुभ11:11 – 12:39शुभ
रोग12:39 – 14:07टालें
उद्वेग14:07 – 15:35टालें
चर15:35 – 17:03सामान्य
लाभ17:03 – 18:31शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग18:31 – 20:03टालें
शुभ20:03 – 21:35शुभ
अमृत21:35 – 23:08शुभ
चर23:08 – 00:40सामान्य
रोग00:40 – 02:12टालें
काल02:12 – 03:44टालें
लाभ03:44 – 05:16शुभ
उद्वेग05:16 – 06:48टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:4707:46दिन
चंद्र07:4608:45दिन
शनि08:4509:43दिन
गुरु09:4310:42दिन
मंगल10:4211:41दिन
सूर्य11:4112:39दिन
शुक्र12:3913:38दिन
बुध13:3814:36दिन
चंद्र14:3615:35दिन
शनि15:3516:34दिन
गुरु16:3417:32दिन
मंगल17:3218:31दिन
सूर्य18:3119:32रात
शुक्र19:3220:34रात
बुध20:3421:35रात
चंद्र21:3522:37रात
शनि22:3723:38रात
गुरु23:3800:40रात
मंगल00:4001:41रात
सूर्य01:4102:43रात
शुक्र02:4303:44रात
बुध03:4404:46रात
चंद्र04:4605:47रात
शनि05:4706:48रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
3 अक्टू॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
4 अक्टू॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
6 अक्टू॰ 2025आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा
10 अक्टू॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
13 अक्टू॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
16 अक्टू॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
17 अक्टू॰ 2025तुला संक्रांतिसूर्य का तुला में प्रवेश
18 अक्टू॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
20 अक्टू॰ 2025कार्तिक अमावस्याअमावस्या
25 अक्टू॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां शिकागो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2168° (लाहिड़ी)। समय शिकागो (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।