6 नवंबर 2025 को शिकागो का पंचांग

गुरुवार, 6 नवंबर 2025, शिकागो, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

गुरुवार, 6 नवंबर 2025 को शिकागो में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (23:35 तक), नक्षत्र कृत्तिका (15:57 तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 06:29 पर और सूर्यास्त 16:38 पर है। राहुकाल 12:50 से 14:06 तक है।

दिन और रात
दिन 06:29 – 16:38
रात 06:30 तक
तिथि
द्वितीया, 23:35 तक
तृतीया
नक्षत्र
कृत्तिका, 15:57 तक
रोहिणी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 नवंबर 2025 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 23:35 तक
कृष्ण तृतीया 20:02, 7 नव॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 13:03, 7 नव॰ तक
योग
वरीयान 15:11 तक
परिघअशुभ 10:57, 7 नव॰ तक
करण
तैतिल 13:29 तक
गर 23:35 तक
वणिज 09:46, 7 नव॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशितुला
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:29
सूर्यास्त
16:38
चंद्रोदय
17:10
चंद्रास्त
08:05
दिनमान
10h 9m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:38 – 05:34
अभिजीत मुहूर्त
11:13 – 11:54

अशुभ समय

राहुकाल
12:50 – 14:06
यमगंड
06:29 – 07:45
गुलिक काल
09:01 – 10:17

6 नवंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:29 – 07:45शुभ
रोग07:45 – 09:01टालें
उद्वेग09:01 – 10:17टालें
चर10:17 – 11:33सामान्य
लाभ11:33 – 12:50शुभ
अमृत12:50 – 14:06शुभ
काल14:06 – 15:22टालें
शुभ15:22 – 16:38शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत16:38 – 18:22शुभ
चर18:22 – 20:06सामान्य
रोग20:06 – 21:50टालें
काल21:50 – 23:34टालें
लाभ23:34 – 01:18शुभ
उद्वेग01:18 – 03:02टालें
शुभ03:02 – 04:46शुभ
अमृत04:46 – 06:30शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:2907:20दिन
मंगल07:2008:10दिन
सूर्य08:1009:01दिन
शुक्र09:0109:52दिन
बुध09:5210:43दिन
चंद्र10:4311:33दिन
शनि11:3312:24दिन
गुरु12:2413:15दिन
मंगल13:1514:06दिन
सूर्य14:0614:56दिन
शुक्र14:5615:47दिन
बुध15:4716:38दिन
चंद्र16:3817:47रात
शनि17:4718:57रात
गुरु18:5720:06रात
मंगल20:0621:15रात
सूर्य21:1522:25रात
शुक्र22:2523:34रात
बुध23:3400:43रात
चंद्र00:4301:53रात
शनि01:5303:02रात
गुरु03:0204:12रात
मंगल04:1205:21रात
सूर्य05:2106:30रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
8 नव॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
12 नव॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
15 नव॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
16 नव॰ 2025वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
17 नव॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
19 नव॰ 2025मार्गशीर्ष अमावस्याअमावस्या
24 नव॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
1 दिस॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
2 दिस॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
4 दिस॰ 2025मार्गशीर्ष पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां शिकागो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2181° (लाहिड़ी)। समय शिकागो (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।