27 जनवरी 2026 को शिकागो का पंचांग

मंगलवार, 27 जनवरी 2026, शिकागो, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

मंगलवार, 27 जनवरी 2026 को शिकागो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल नवमी (07:35 तक), नक्षत्र कृत्तिका (21:57 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 07:07 पर और सूर्यास्त 16:59 पर है। राहुकाल 14:31 से 15:45 तक है।

दिन और रात
दिन 07:07 – 16:59
रात 07:06 तक
तिथि
दशमी, 05:06 तक
एकादशी
नक्षत्र
कृत्तिका, 21:57 तक
रोहिणी
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 जनवरी 2026 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल नवमी 07:35 तक
शुक्ल दशमी 05:06, 28 जन॰ तक
शुक्ल एकादशी 02:25, 29 जन॰ तक
नक्षत्र
रोहिणी 20:01, 28 जन॰ तक
योग
शुक्ल 15:43 तक
ब्रह्म 12:24, 28 जन॰ तक
करण
कौलव 07:35 तक
तैतिल 18:23 तक
गर 05:06, 28 जन॰ तक
वणिज 15:47, 28 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:07
सूर्यास्त
16:59
चंद्रोदय
11:23
चंद्रास्त
02:07
दिनमान
9h 52m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:14 – 06:10
अभिजीत मुहूर्त
11:43 – 12:23

अशुभ समय

राहुकाल
14:31 – 15:45
यमगंड
09:35 – 10:49
गुलिक काल
12:03 – 13:17

27 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग07:07 – 08:21टालें
उद्वेग08:21 – 09:35टालें
चर09:35 – 10:49सामान्य
लाभ10:49 – 12:03शुभ
अमृत12:03 – 13:17शुभ
काल13:17 – 14:31टालें
शुभ14:31 – 15:45शुभ
रोग15:45 – 16:59टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल16:59 – 18:45टालें
लाभ18:45 – 20:31शुभ
उद्वेग20:31 – 22:17टालें
शुभ22:17 – 00:03शुभ
अमृत00:03 – 01:48शुभ
चर01:48 – 03:34सामान्य
रोग03:34 – 05:20टालें
काल05:20 – 07:06टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल07:0707:56दिन
सूर्य07:5608:46दिन
शुक्र08:4609:35दिन
बुध09:3510:24दिन
चंद्र10:2411:14दिन
शनि11:1412:03दिन
गुरु12:0312:52दिन
मंगल12:5213:42दिन
सूर्य13:4214:31दिन
शुक्र14:3115:20दिन
बुध15:2016:10दिन
चंद्र16:1016:59दिन
शनि16:5918:10रात
गुरु18:1019:20रात
मंगल19:2020:31रात
सूर्य20:3121:41रात
शुक्र21:4122:52रात
बुध22:5200:03रात
चंद्र00:0301:13रात
शनि01:1302:24रात
गुरु02:2403:34रात
मंगल03:3404:45रात
सूर्य04:4505:56रात
शुक्र05:5607:06रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
28 जन॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
30 जन॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
1 फ़र॰ 2026माघ पूर्णिमापूर्णिमा
5 फ़र॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
9 फ़र॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
12 फ़र॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
12 फ़र॰ 2026कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
14 फ़र॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
16 फ़र॰ 2026फाल्गुन अमावस्याअमावस्या
20 फ़र॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां शिकागो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2213° (लाहिड़ी)। समय शिकागो (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।