15 मार्च 2026 को शिकागो का पंचांग

रविवार, 15 मार्च 2026, शिकागो, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

रविवार, 15 मार्च 2026 को शिकागो में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (23:11 तक), नक्षत्र श्रवण (19:26 तक) और योग शिव है। सूर्योदय 07:02 पर और सूर्यास्त 18:57 पर है। राहुकाल 17:27 से 18:57 तक है।

दिन और रात
दिन 07:02 – 18:57
रात 07:00 तक
तिथि
द्वादशी, 23:11 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
श्रवण, 19:26 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

15 मार्च 2026 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 23:11 तक
कृष्ण त्रयोदशी 22:53, 16 मार्च तक
नक्षत्र
श्रवण 19:26 तक
धनिष्ठा 19:52, 16 मार्च तक
योग
शिव 23:06 तक
सिद्ध 21:45, 16 मार्च तक
करण
कौलव 11:04 तक
तैतिल 23:11 तक
गर 11:07, 16 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:02
सूर्यास्त
18:57
चंद्रोदय
05:29
चंद्रास्त
15:21
दिनमान
11h 55m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:25 – 06:13
अभिजीत मुहूर्त
12:35 – 13:23

अशुभ समय

राहुकाल
17:27 – 18:57
यमगंड
12:59 – 14:29
गुलिक काल
15:58 – 17:27

15 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग07:02 – 08:31टालें
चर08:31 – 10:00सामान्य
लाभ10:00 – 11:30शुभ
अमृत11:30 – 12:59शुभ
काल12:59 – 14:29टालें
शुभ14:29 – 15:58शुभ
रोग15:58 – 17:27टालें
उद्वेग17:27 – 18:57टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:57 – 20:27शुभ
अमृत20:27 – 21:58शुभ
चर21:58 – 23:28सामान्य
रोग23:28 – 00:58टालें
काल00:58 – 02:29टालें
लाभ02:29 – 03:59शुभ
उद्वेग03:59 – 05:30टालें
शुभ05:30 – 07:00शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य07:0208:01दिन
शुक्र08:0109:01दिन
बुध09:0110:00दिन
चंद्र10:0011:00दिन
शनि11:0012:00दिन
गुरु12:0012:59दिन
मंगल12:5913:59दिन
सूर्य13:5914:58दिन
शुक्र14:5815:58दिन
बुध15:5816:58दिन
चंद्र16:5817:57दिन
शनि17:5718:57दिन
गुरु18:5719:57रात
मंगल19:5720:57रात
सूर्य20:5721:58रात
शुक्र21:5822:58रात
बुध22:5823:58रात
चंद्र23:5800:58रात
शनि00:5801:59रात
गुरु01:5902:59रात
मंगल02:5903:59रात
सूर्य03:5904:59रात
शुक्र04:5906:00रात
बुध06:0007:00रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
16 मार्च 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
18 मार्च 2026चैत्र अमावस्याअमावस्या
22 मार्च 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
28 मार्च 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
30 मार्च 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
1 अप्रैल 2026चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
5 अप्रैल 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
10 अप्रैल 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
13 अप्रैल 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
13 अप्रैल 2026मेष संक्रांतिसूर्य का मेष में प्रवेश

तिथियां शिकागो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2231° (लाहिड़ी)। समय शिकागो (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।