23 मार्च 2026 को शिकागो का पंचांग

सोमवार, 23 मार्च 2026, शिकागो, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

सोमवार, 23 मार्च 2026 को शिकागो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (08:08 तक), नक्षत्र कृत्तिका (10:19 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 06:48 पर और सूर्यास्त 19:06 पर है। राहुकाल 08:20 से 09:52 तक है।

दिन और रात
दिन 06:48 – 19:06
रात 06:46 तक
तिथि
षष्ठी, 05:38 तक
सप्तमी
नक्षत्र
कृत्तिका, 10:19 तक
रोहिणी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 मार्च 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 08:08 तक
शुक्ल षष्ठी 05:38, 24 मार्च तक
शुक्ल सप्तमी 03:20, 25 मार्च तक
नक्षत्र
रोहिणी 08:35, 24 मार्च तक
योग
प्रीति 22:37 तक
आयुष्मान 19:32, 24 मार्च तक
करण
बालव 08:08 तक
कौलव 18:52 तक
तैतिल 05:38, 24 मार्च तक
गर 16:27, 24 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:48
सूर्यास्त
19:06
चंद्रोदय
09:05
चंद्रास्त
00:02
दिनमान
12h 18m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:14 – 06:01
अभिजीत मुहूर्त
12:32 – 13:21

अशुभ समय

राहुकाल
08:20 – 09:52
यमगंड
11:25 – 12:57
गुलिक काल
14:29 – 16:01

23 मार्च 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:48 – 08:20शुभ
काल08:20 – 09:52टालें
शुभ09:52 – 11:25शुभ
रोग11:25 – 12:57टालें
उद्वेग12:57 – 14:29टालें
चर14:29 – 16:01सामान्य
लाभ16:01 – 17:33शुभ
अमृत17:33 – 19:06शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर19:06 – 20:33सामान्य
रोग20:33 – 22:01टालें
काल22:01 – 23:28टालें
लाभ23:28 – 00:56शुभ
उद्वेग00:56 – 02:24टालें
शुभ02:24 – 03:51शुभ
अमृत03:51 – 05:19शुभ
चर05:19 – 06:46सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:4807:49दिन
शनि07:4908:51दिन
गुरु08:5109:52दिन
मंगल09:5210:54दिन
सूर्य10:5411:55दिन
शुक्र11:5512:57दिन
बुध12:5713:58दिन
चंद्र13:5815:00दिन
शनि15:0016:01दिन
गुरु16:0117:03दिन
मंगल17:0318:04दिन
सूर्य18:0419:06दिन
शुक्र19:0620:04रात
बुध20:0421:02रात
चंद्र21:0222:01रात
शनि22:0122:59रात
गुरु22:5923:58रात
मंगल23:5800:56रात
सूर्य00:5601:54रात
शुक्र01:5402:53रात
बुध02:5303:51रात
चंद्र03:5104:50रात
शनि04:5005:48रात
गुरु05:4806:46रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
28 मार्च 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
30 मार्च 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
1 अप्रैल 2026चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
5 अप्रैल 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
10 अप्रैल 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
13 अप्रैल 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
13 अप्रैल 2026मेष संक्रांतिसूर्य का मेष में प्रवेश
15 अप्रैल 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
17 अप्रैल 2026वैशाख अमावस्याअमावस्या
20 अप्रैल 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां शिकागो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2234° (लाहिड़ी)। समय शिकागो (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।