23 नवंबर 2026 को शिकागो का पंचांग

सोमवार, 23 नवंबर 2026, शिकागो, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

सोमवार, 23 नवंबर 2026 को शिकागो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (12:12 तक), नक्षत्र भरणी (14:32 तक) और योग वरीयान है। सूर्योदय 06:49 पर और सूर्यास्त 16:23 पर है। राहुकाल 08:01 से 09:13 तक है।

दिन और रात
दिन 06:49 – 16:23
रात 06:50 तक
तिथि
चतुर्दशी, 12:12 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
भरणी, 14:32 तक
कृत्तिका
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 नवंबर 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 12:12 तक
पूर्णिमा 08:53, 24 नव॰ तक
नक्षत्र
भरणी 14:32 तक
कृत्तिका 11:55, 24 नव॰ तक
योग
वरीयान 08:28 तक
परिघअशुभ 04:35, 24 नव॰ तक
शिव 00:29, 25 नव॰ तक
करण
वणिज 12:12 तक
विष्टि (भद्रा) 22:35 तक
बव 08:53, 24 नव॰ तक
चंद्र राशि
मेष 19:54 तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:49
सूर्यास्त
16:23
चंद्रोदय
15:21
चंद्रास्त
05:47
दिनमान
9h 34m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:54 – 05:52
अभिजीत मुहूर्त
11:17 – 11:55

अशुभ समय

राहुकाल
08:01 – 09:13
यमगंड
10:25 – 11:36
गुलिक काल
12:48 – 14:00

23 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:49 – 08:01शुभ
काल08:01 – 09:13टालें
शुभ09:13 – 10:25शुभ
रोग10:25 – 11:36टालें
उद्वेग11:36 – 12:48टालें
चर12:48 – 14:00सामान्य
लाभ14:00 – 15:12शुभ
अमृत15:12 – 16:23शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर16:23 – 18:12सामान्य
रोग18:12 – 20:00टालें
काल20:00 – 21:48टालें
लाभ21:48 – 23:37शुभ
उद्वेग23:37 – 01:25टालें
शुभ01:25 – 03:14शुभ
अमृत03:14 – 05:02शुभ
चर05:02 – 06:50सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:4907:37दिन
शनि07:3708:25दिन
गुरु08:2509:13दिन
मंगल09:1310:01दिन
सूर्य10:0110:48दिन
शुक्र10:4811:36दिन
बुध11:3612:24दिन
चंद्र12:2413:12दिन
शनि13:1214:00दिन
गुरु14:0014:48दिन
मंगल14:4815:35दिन
सूर्य15:3516:23दिन
शुक्र16:2317:36रात
बुध17:3618:48रात
चंद्र18:4820:00रात
शनि20:0021:12रात
गुरु21:1222:25रात
मंगल22:2523:37रात
सूर्य23:3700:49रात
शुक्र00:4902:01रात
बुध02:0103:14रात
चंद्र03:1404:26रात
शनि04:2605:38रात
गुरु05:3806:50रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
24 नव॰ 2026कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
27 नव॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
1 दिस॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
4 दिस॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
6 दिस॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
8 दिस॰ 2026मार्गशीर्ष अमावस्याअमावस्या
12 दिस॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
15 दिस॰ 2026धनु संक्रांतिसूर्य का धनु में प्रवेश
20 दिस॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
21 दिस॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी

तिथियां शिकागो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2328° (लाहिड़ी)। समय शिकागो (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।