11 अप्रैल 2027 को शिकागो का पंचांग

रविवार, 11 अप्रैल 2027, शिकागो, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

रविवार, 11 अप्रैल 2027 को शिकागो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (11:10 तक), नक्षत्र मृगशिरा (03:04, 12 अप्रैल तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 06:16 पर और सूर्यास्त 19:26 पर है। राहुकाल 17:48 से 19:26 तक है।

दिन और रात
दिन 06:16 – 19:26
रात 06:15 तक
तिथि
पंचमी, 11:10 तक
षष्ठी
नक्षत्र
मृगशिरा, 03:04 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

11 अप्रैल 2027 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 11:10 तक
शुक्ल षष्ठी 09:05, 12 अप्रैल तक
नक्षत्र
मृगशिरा 03:04, 12 अप्रैल तक
आर्द्रा 01:43, 13 अप्रैल तक
योग
सौभाग्य 09:07 तक
शोभन 06:18, 12 अप्रैल तक
करण
बालव 11:10 तक
कौलव 22:08 तक
तैतिल 09:05, 12 अप्रैल तक
चंद्र राशि
वृषभ 15:44 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:16
सूर्यास्त
19:26
चंद्रोदय
08:58
चंद्रास्त
00:15
दिनमान
13h 10m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:50 – 05:33
अभिजीत मुहूर्त
12:25 – 13:18

अशुभ समय

राहुकाल
17:48 – 19:26
यमगंड
12:51 – 14:30
गुलिक काल
16:09 – 17:48

11 अप्रैल 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:16 – 07:55टालें
चर07:55 – 09:34सामान्य
लाभ09:34 – 11:13शुभ
अमृत11:13 – 12:51शुभ
काल12:51 – 14:30टालें
शुभ14:30 – 16:09शुभ
रोग16:09 – 17:48टालें
उद्वेग17:48 – 19:26टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ19:26 – 20:47शुभ
अमृत20:47 – 22:09शुभ
चर22:09 – 23:30सामान्य
रोग23:30 – 00:51टालें
काल00:51 – 02:12टालें
लाभ02:12 – 03:33शुभ
उद्वेग03:33 – 04:54टालें
शुभ04:54 – 06:15शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:1607:22दिन
शुक्र07:2208:28दिन
बुध08:2809:34दिन
चंद्र09:3410:40दिन
शनि10:4011:46दिन
गुरु11:4612:51दिन
मंगल12:5113:57दिन
सूर्य13:5715:03दिन
शुक्र15:0316:09दिन
बुध16:0917:15दिन
चंद्र17:1518:21दिन
शनि18:2119:26दिन
गुरु19:2620:20रात
मंगल20:2021:15रात
सूर्य21:1522:09रात
शुक्र22:0923:03रात
बुध23:0323:57रात
चंद्र23:5700:51रात
शनि00:5101:45रात
गुरु01:4502:39रात
मंगल02:3903:33रात
सूर्य03:3304:27रात
शुक्र04:2705:21रात
बुध05:2106:15रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
14 अप्रैल 2027मेष संक्रांतिसूर्य का मेष में प्रवेश
16 अप्रैल 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
18 अप्रैल 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
20 अप्रैल 2027चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
24 अप्रैल 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
28 अप्रैल 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
2 मई 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
4 मई 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
6 मई 2027वैशाख अमावस्याअमावस्या
9 मई 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां शिकागो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2381° (लाहिड़ी)। समय शिकागो (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।