7 अक्टूबर 2027 को शिकागो का पंचांग

गुरुवार, 7 अक्टूबर 2027, शिकागो, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

गुरुवार, 7 अक्टूबर 2027 को शिकागो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (19:58 तक), नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा (20:44 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 06:53 पर और सूर्यास्त 18:22 पर है। राहुकाल 14:04 से 15:30 तक है।

दिन और रात
दिन 06:53 – 18:22
रात 06:54 तक
तिथि
अष्टमी, 19:58 तक
नवमी
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा, 20:44 तक
उत्तराषाढ़ा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 अक्टूबर 2027 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 19:58 तक
शुक्ल नवमी 22:32, 8 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 23:48, 8 अक्टू॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 02:22, 8 अक्टू॰ तक
सुकर्मा 03:22, 9 अक्टू॰ तक
करण
बव 19:58 तक
बालव 09:13, 8 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
धनु 03:29, 8 अक्टू॰ तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:53
सूर्यास्त
18:22
चंद्रोदय
14:39
चंद्रास्त
23:52
दिनमान
11h 28m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:13 – 06:03
अभिजीत मुहूर्त
12:15 – 13:00

अशुभ समय

राहुकाल
14:04 – 15:30
यमगंड
06:53 – 08:19
गुलिक काल
09:45 – 11:11

7 अक्टूबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:53 – 08:19शुभ
रोग08:19 – 09:45टालें
उद्वेग09:45 – 11:11टालें
चर11:11 – 12:38सामान्य
लाभ12:38 – 14:04शुभ
अमृत14:04 – 15:30शुभ
काल15:30 – 16:56टालें
शुभ16:56 – 18:22शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:22 – 19:56शुभ
चर19:56 – 21:30सामान्य
रोग21:30 – 23:04टालें
काल23:04 – 00:38टालें
लाभ00:38 – 02:12शुभ
उद्वेग02:12 – 03:46टालें
शुभ03:46 – 05:20शुभ
अमृत05:20 – 06:54शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:5307:51दिन
मंगल07:5108:48दिन
सूर्य08:4809:45दिन
शुक्र09:4510:43दिन
बुध10:4311:40दिन
चंद्र11:4012:38दिन
शनि12:3813:35दिन
गुरु13:3514:32दिन
मंगल14:3215:30दिन
सूर्य15:3016:27दिन
शुक्र16:2717:24दिन
बुध17:2418:22दिन
चंद्र18:2219:24रात
शनि19:2420:27रात
गुरु20:2721:30रात
मंगल21:3022:33रात
सूर्य22:3323:35रात
शुक्र23:3500:38रात
बुध00:3801:41रात
चंद्र01:4102:44रात
शनि02:4403:46रात
गुरु03:4604:49रात
मंगल04:4905:52रात
सूर्य05:5206:54रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
10 अक्टू॰ 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
12 अक्टू॰ 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
15 अक्टू॰ 2027आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा
17 अक्टू॰ 2027तुला संक्रांतिसूर्य का तुला में प्रवेश
18 अक्टू॰ 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
22 अक्टू॰ 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
25 अक्टू॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
27 अक्टू॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
29 अक्टू॰ 2027कार्तिक अमावस्याअमावस्या
1 नव॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां शिकागो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2449° (लाहिड़ी)। समय शिकागो (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।