22 जनवरी 2028 को शिकागो का पंचांग

शनिवार, 22 जनवरी 2028, शिकागो, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

शनिवार, 22 जनवरी 2028 को शिकागो में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वादशी (02:53, 23 जन॰ तक), नक्षत्र ज्येष्ठा (21:48 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 07:11 पर और सूर्यास्त 16:52 पर है। राहुकाल 09:37 से 10:49 तक है।

दिन और रात
दिन 07:11 – 16:52
रात 07:11 तक
तिथि
द्वादशी, 02:53 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
ज्येष्ठा, 21:48 तक
मूल
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 जनवरी 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण द्वादशी 02:53, 23 जन॰ तक
कृष्ण त्रयोदशी 04:39, 24 जन॰ तक
नक्षत्र
मूल 23:58, 23 जन॰ तक
योग
ध्रुव 00:41, 23 जन॰ तक
व्याघातअशुभ 00:52, 24 जन॰ तक
करण
कौलव 14:10 तक
तैतिल 02:53, 23 जन॰ तक
गर 15:43, 23 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:11
सूर्यास्त
16:52
चंद्रोदय
04:26
चंद्रास्त
13:10
दिनमान
9h 41m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:17 – 06:14
अभिजीत मुहूर्त
11:42 – 12:21

अशुभ समय

राहुकाल
09:37 – 10:49
यमगंड
13:14 – 14:27
गुलिक काल
07:11 – 08:24

22 जनवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:11 – 08:24टालें
शुभ08:24 – 09:37शुभ
रोग09:37 – 10:49टालें
उद्वेग10:49 – 12:02टालें
चर12:02 – 13:14सामान्य
लाभ13:14 – 14:27शुभ
अमृत14:27 – 15:39शुभ
काल15:39 – 16:52टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ16:52 – 18:39शुभ
उद्वेग18:39 – 20:27टालें
शुभ20:27 – 22:14शुभ
अमृत22:14 – 00:01शुभ
चर00:01 – 01:49सामान्य
रोग01:49 – 03:36टालें
काल03:36 – 05:23टालें
लाभ05:23 – 07:11शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:1108:00दिन
गुरु08:0008:48दिन
मंगल08:4809:37दिन
सूर्य09:3710:25दिन
शुक्र10:2511:13दिन
बुध11:1312:02दिन
चंद्र12:0212:50दिन
शनि12:5013:38दिन
गुरु13:3814:27दिन
मंगल14:2715:15दिन
सूर्य15:1516:04दिन
शुक्र16:0416:52दिन
बुध16:5218:04रात
चंद्र18:0419:15रात
शनि19:1520:27रात
गुरु20:2721:38रात
मंगल21:3822:50रात
सूर्य22:5000:01रात
शुक्र00:0101:13रात
बुध01:1302:24रात
चंद्र02:2403:36रात
शनि03:3604:48रात
गुरु04:4805:59रात
मंगल05:5907:11रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
23 जन॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
25 जन॰ 2028माघ अमावस्याअमावस्या
30 जन॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
6 फ़र॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
8 फ़र॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
10 फ़र॰ 2028माघ पूर्णिमापूर्णिमा
13 फ़र॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
13 फ़र॰ 2028कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
17 फ़र॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
20 फ़र॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी

तिथियां शिकागो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2490° (लाहिड़ी)। समय शिकागो (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।