27 मार्च 2028 को शिकागो का पंचांग

सोमवार, 27 मार्च 2028, शिकागो, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

सोमवार, 27 मार्च 2028 को शिकागो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (02:33, 28 मार्च तक), नक्षत्र रेवती (11:15 तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 06:40 पर और सूर्यास्त 19:11 पर है। राहुकाल 08:14 से 09:48 तक है।

दिन और रात
दिन 06:40 – 19:11
रात 06:39 तक
तिथि
द्वितीया, 02:33 तक
तृतीया
नक्षत्र
रेवती, 11:15 तक
अश्विनी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 मार्च 2028 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 02:33, 28 मार्च तक
शुक्ल तृतीया 03:28, 29 मार्च तक
नक्षत्र
रेवती 11:15 तक
अश्विनी 13:00, 28 मार्च तक
योग
इंद्र 17:22 तक
वैधृतिअशुभ 17:09, 28 मार्च तक
करण
बालव 13:56 तक
कौलव 02:33, 28 मार्च तक
तैतिल 15:04, 28 मार्च तक
चंद्र राशि
मीन 11:15 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:40
सूर्यास्त
19:11
चंद्रोदय
06:54
चंद्रास्त
21:06
दिनमान
12h 30m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:08 – 05:54
अभिजीत मुहूर्त
12:30 – 13:21

अशुभ समय

राहुकाल
08:14 – 09:48
यमगंड
11:22 – 12:56
गुलिक काल
14:29 – 16:03

27 मार्च 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:40 – 08:14शुभ
काल08:14 – 09:48टालें
शुभ09:48 – 11:22शुभ
रोग11:22 – 12:56टालें
उद्वेग12:56 – 14:29टालें
चर14:29 – 16:03सामान्य
लाभ16:03 – 17:37शुभ
अमृत17:37 – 19:11शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर19:11 – 20:37सामान्य
रोग20:37 – 22:03टालें
काल22:03 – 23:29टालें
लाभ23:29 – 00:55शुभ
उद्वेग00:55 – 02:21टालें
शुभ02:21 – 03:47शुभ
अमृत03:47 – 05:13शुभ
चर05:13 – 06:39सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:4007:43दिन
शनि07:4308:45दिन
गुरु08:4509:48दिन
मंगल09:4810:50दिन
सूर्य10:5011:53दिन
शुक्र11:5312:56दिन
बुध12:5613:58दिन
चंद्र13:5815:01दिन
शनि15:0116:03दिन
गुरु16:0317:06दिन
मंगल17:0618:08दिन
सूर्य18:0819:11दिन
शुक्र19:1120:08रात
बुध20:0821:05रात
चंद्र21:0522:03रात
शनि22:0323:00रात
गुरु23:0023:57रात
मंगल23:5700:55रात
सूर्य00:5501:52रात
शुक्र01:5202:49रात
बुध02:4903:47रात
चंद्र03:4704:44रात
शनि04:4405:41रात
गुरु05:4106:39रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
29 मार्च 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
5 अप्रैल 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
7 अप्रैल 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
8 अप्रैल 2028चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
12 अप्रैल 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
13 अप्रैल 2028मेष संक्रांतिसूर्य का मेष में प्रवेश
16 अप्रैल 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
19 अप्रैल 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
22 अप्रैल 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
24 अप्रैल 2028वैशाख अमावस्याअमावस्या

तिथियां शिकागो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2515° (लाहिड़ी)। समय शिकागो (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।