30 मार्च 2028 को शिकागो का पंचांग

गुरुवार, 30 मार्च 2028, शिकागो, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

गुरुवार, 30 मार्च 2028 को शिकागो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (04:05, 31 मार्च तक), नक्षत्र कृत्तिका (15:18 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 06:35 पर और सूर्यास्त 19:14 पर है। राहुकाल 14:29 से 16:04 तक है।

दिन और रात
दिन 06:35 – 19:14
रात 06:33 तक
तिथि
पंचमी, 04:05 तक
षष्ठी
नक्षत्र
कृत्तिका, 15:18 तक
रोहिणी
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

30 मार्च 2028 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 04:05, 31 मार्च तक
शुक्ल षष्ठी 03:44, 1 अप्रैल तक
नक्षत्र
रोहिणी 15:49, 31 मार्च तक
योग
प्रीति 15:46 तक
आयुष्मान 14:34, 31 मार्च तक
करण
बव 16:06 तक
बालव 04:05, 31 मार्च तक
कौलव 15:58, 31 मार्च तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:35
सूर्यास्त
19:14
चंद्रोदय
08:30
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
12h 39m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:04 – 05:50
अभिजीत मुहूर्त
12:29 – 13:20

अशुभ समय

राहुकाल
14:29 – 16:04
यमगंड
06:35 – 08:10
गुलिक काल
09:45 – 11:20

30 मार्च 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:35 – 08:10शुभ
रोग08:10 – 09:45टालें
उद्वेग09:45 – 11:20टालें
चर11:20 – 12:55सामान्य
लाभ12:55 – 14:29शुभ
अमृत14:29 – 16:04शुभ
काल16:04 – 17:39टालें
शुभ17:39 – 19:14शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत19:14 – 20:39शुभ
चर20:39 – 22:04सामान्य
रोग22:04 – 23:29टालें
काल23:29 – 00:54टालें
लाभ00:54 – 02:19शुभ
उद्वेग02:19 – 03:44टालें
शुभ03:44 – 05:09शुभ
अमृत05:09 – 06:33शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:3507:38दिन
मंगल07:3808:42दिन
सूर्य08:4209:45दिन
शुक्र09:4510:48दिन
बुध10:4811:51दिन
चंद्र11:5112:55दिन
शनि12:5513:58दिन
गुरु13:5815:01दिन
मंगल15:0116:04दिन
सूर्य16:0417:08दिन
शुक्र17:0818:11दिन
बुध18:1119:14दिन
चंद्र19:1420:11रात
शनि20:1121:07रात
गुरु21:0722:04रात
मंगल22:0423:01रात
सूर्य23:0123:57रात
शुक्र23:5700:54रात
बुध00:5401:50रात
चंद्र01:5002:47रात
शनि02:4703:44रात
गुरु03:4404:40रात
मंगल04:4005:37रात
सूर्य05:3706:33रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
5 अप्रैल 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
7 अप्रैल 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
8 अप्रैल 2028चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
12 अप्रैल 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
13 अप्रैल 2028मेष संक्रांतिसूर्य का मेष में प्रवेश
16 अप्रैल 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
19 अप्रैल 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
22 अप्रैल 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
24 अप्रैल 2028वैशाख अमावस्याअमावस्या
28 अप्रैल 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां शिकागो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2516° (लाहिड़ी)। समय शिकागो (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।