1 अप्रैल 2028 को शिकागो का पंचांग

शनिवार, 1 अप्रैल 2028, शिकागो, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

शनिवार, 1 अप्रैल 2028 को शिकागो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (02:52, 2 अप्रैल तक), नक्षत्र मृगशिरा (15:53 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 06:32 पर और सूर्यास्त 19:16 पर है। राहुकाल 09:43 से 11:18 तक है।

दिन और रात
दिन 06:32 – 19:16
रात 06:30 तक
तिथि
सप्तमी, 02:52 तक
अष्टमी
नक्षत्र
मृगशिरा, 15:53 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

1 अप्रैल 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 02:52, 2 अप्रैल तक
शुक्ल अष्टमी 01:30, 3 अप्रैल तक
नक्षत्र
आर्द्रा 15:27, 2 अप्रैल तक
योग
सौभाग्य 13:00 तक
शोभन 11:02, 2 अप्रैल तक
करण
गर 15:22 तक
वणिज 02:52, 2 अप्रैल तक
विष्टि (भद्रा) 14:15, 2 अप्रैल तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:32
सूर्यास्त
19:16
चंद्रोदय
10:15
चंद्रास्त
01:22
दिनमान
12h 44m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:02 – 05:47
अभिजीत मुहूर्त
12:29 – 13:20

अशुभ समय

राहुकाल
09:43 – 11:18
यमगंड
14:30 – 16:05
गुलिक काल
06:32 – 08:07

1 अप्रैल 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:32 – 08:07टालें
शुभ08:07 – 09:43शुभ
रोग09:43 – 11:18टालें
उद्वेग11:18 – 12:54टालें
चर12:54 – 14:30सामान्य
लाभ14:30 – 16:05शुभ
अमृत16:05 – 17:41शुभ
काल17:41 – 19:16टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ19:16 – 20:40शुभ
उद्वेग20:40 – 22:05टालें
शुभ22:05 – 23:29शुभ
अमृत23:29 – 00:53शुभ
चर00:53 – 02:17सामान्य
रोग02:17 – 03:42टालें
काल03:42 – 05:06टालें
लाभ05:06 – 06:30शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:3207:35दिन
गुरु07:3508:39दिन
मंगल08:3909:43दिन
सूर्य09:4310:47दिन
शुक्र10:4711:50दिन
बुध11:5012:54दिन
चंद्र12:5413:58दिन
शनि13:5815:01दिन
गुरु15:0116:05दिन
मंगल16:0517:09दिन
सूर्य17:0918:13दिन
शुक्र18:1319:16दिन
बुध19:1620:12रात
चंद्र20:1221:09रात
शनि21:0922:05रात
गुरु22:0523:01रात
मंगल23:0123:57रात
सूर्य23:5700:53रात
शुक्र00:5301:49रात
बुध01:4902:45रात
चंद्र02:4503:42रात
शनि03:4204:38रात
गुरु04:3805:34रात
मंगल05:3406:30रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
5 अप्रैल 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
7 अप्रैल 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
8 अप्रैल 2028चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
12 अप्रैल 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
13 अप्रैल 2028मेष संक्रांतिसूर्य का मेष में प्रवेश
16 अप्रैल 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
19 अप्रैल 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
22 अप्रैल 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
24 अप्रैल 2028वैशाख अमावस्याअमावस्या
28 अप्रैल 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां शिकागो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2517° (लाहिड़ी)। समय शिकागो (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।