3 सितंबर 2028 को शिकागो का पंचांग

रविवार, 3 सितंबर 2028, शिकागो, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

रविवार, 3 सितंबर 2028 को शिकागो में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (18:47 तक), नक्षत्र शतभिषा (23:23 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 06:18 पर और सूर्यास्त 19:19 पर है। राहुकाल 17:41 से 19:19 तक है।

दिन और रात
दिन 06:18 – 19:19
रात 06:19 तक
तिथि
पूर्णिमा, 18:47 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
शतभिषा, 23:23 तक
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 सितंबर 2028 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
पूर्णिमा 18:47 तक
कृष्ण प्रतिपदा 21:14, 4 सित॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 23:23 तक
पूर्वा भाद्रपद 02:23, 5 सित॰ तक
योग
सुकर्मा 14:49 तक
धृति 15:47, 4 सित॰ तक
करण
बव 18:47 तक
बालव 08:01, 4 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:18
सूर्यास्त
19:19
चंद्रोदय
18:56
चंद्रास्त
06:00
दिनमान
13h 1m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:51 – 05:35
अभिजीत मुहूर्त
12:23 – 13:15

अशुभ समय

राहुकाल
17:41 – 19:19
यमगंड
12:49 – 14:26
गुलिक काल
16:04 – 17:41

3 सितंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:18 – 07:56टालें
चर07:56 – 09:34सामान्य
लाभ09:34 – 11:11शुभ
अमृत11:11 – 12:49शुभ
काल12:49 – 14:26टालें
शुभ14:26 – 16:04शुभ
रोग16:04 – 17:41टालें
उद्वेग17:41 – 19:19टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ19:19 – 20:42शुभ
अमृत20:42 – 22:04शुभ
चर22:04 – 23:27सामान्य
रोग23:27 – 00:49टालें
काल00:49 – 02:12टालें
लाभ02:12 – 03:34शुभ
उद्वेग03:34 – 04:57टालें
शुभ04:57 – 06:19शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:1807:24दिन
शुक्र07:2408:29दिन
बुध08:2909:34दिन
चंद्र09:3410:39दिन
शनि10:3911:44दिन
गुरु11:4412:49दिन
मंगल12:4913:54दिन
सूर्य13:5414:59दिन
शुक्र14:5916:04दिन
बुध16:0417:09दिन
चंद्र17:0918:14दिन
शनि18:1419:19दिन
गुरु19:1920:14रात
मंगल20:1421:09रात
सूर्य21:0922:04रात
शुक्र22:0422:59रात
बुध22:5923:54रात
चंद्र23:5400:49रात
शनि00:4901:44रात
गुरु01:4402:39रात
मंगल02:3903:34रात
सूर्य03:3404:29रात
शुक्र04:2905:24रात
बुध05:2406:19रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
3 सित॰ 2028भाद्रपद पूर्णिमापूर्णिमा
7 सित॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
12 सित॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
14 सित॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
16 सित॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
16 सित॰ 2028कन्या संक्रांतिसूर्य का कन्या में प्रवेश
18 सित॰ 2028आश्विन अमावस्याअमावस्या
21 सित॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
28 सित॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
30 सित॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी

तिथियां शिकागो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2576° (लाहिड़ी)। समय शिकागो (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।