8 सितंबर 2028 को शिकागो का पंचांग

शुक्रवार, 8 सितंबर 2028, शिकागो, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

शुक्रवार, 8 सितंबर 2028 को शिकागो में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (05:43, 9 सित॰ तक), नक्षत्र अश्विनी (10:39 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 06:24 पर और सूर्यास्त 19:10 पर है। राहुकाल 11:11 से 12:47 तक है।

दिन और रात
दिन 06:24 – 19:10
रात 06:25 तक
तिथि
पंचमी, 05:43 तक
नक्षत्र
अश्विनी, 10:39 तक
भरणी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 सितंबर 2028 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 05:43, 9 सित॰ तक
कृष्ण षष्ठी 06:59, 10 सित॰ तक
नक्षत्र
भरणी 12:51, 9 सित॰ तक
योग
ध्रुव 18:44 तक
व्याघातअशुभ 18:54, 9 सित॰ तक
करण
कौलव 16:55 तक
तैतिल 05:43, 9 सित॰ तक
गर 18:25, 9 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:24
सूर्यास्त
19:10
चंद्रोदय
20:54
चंद्रास्त
11:02
दिनमान
12h 47m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:54 – 05:39
अभिजीत मुहूर्त
12:21 – 13:13

अशुभ समय

राहुकाल
11:11 – 12:47
यमगंड
15:59 – 17:35
गुलिक काल
07:59 – 09:35

8 सितंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:24 – 07:59सामान्य
लाभ07:59 – 09:35शुभ
अमृत09:35 – 11:11शुभ
काल11:11 – 12:47टालें
शुभ12:47 – 14:23शुभ
रोग14:23 – 15:59टालें
उद्वेग15:59 – 17:35टालें
चर17:35 – 19:10सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग19:10 – 20:35टालें
काल20:35 – 21:59टालें
लाभ21:59 – 23:23शुभ
उद्वेग23:23 – 00:48टालें
शुभ00:48 – 02:12शुभ
अमृत02:12 – 03:36शुभ
चर03:36 – 05:00सामान्य
रोग05:00 – 06:25टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:2407:28दिन
बुध07:2808:31दिन
चंद्र08:3109:35दिन
शनि09:3510:39दिन
गुरु10:3911:43दिन
मंगल11:4312:47दिन
सूर्य12:4713:51दिन
शुक्र13:5114:55दिन
बुध14:5515:59दिन
चंद्र15:5917:03दिन
शनि17:0318:07दिन
गुरु18:0719:10दिन
मंगल19:1020:07रात
सूर्य20:0721:03रात
शुक्र21:0321:59रात
बुध21:5922:55रात
चंद्र22:5523:51रात
शनि23:5100:48रात
गुरु00:4801:44रात
मंगल01:4402:40रात
सूर्य02:4003:36रात
शुक्र03:3604:32रात
बुध04:3205:28रात
चंद्र05:2806:25रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
12 सित॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
14 सित॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
16 सित॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
16 सित॰ 2028कन्या संक्रांतिसूर्य का कन्या में प्रवेश
18 सित॰ 2028आश्विन अमावस्याअमावस्या
21 सित॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
28 सित॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
30 सित॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
3 अक्टू॰ 2028आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा
7 अक्टू॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी

तिथियां शिकागो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2578° (लाहिड़ी)। समय शिकागो (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।