24 अक्टूबर 2028 को शिकागो का पंचांग

मंगलवार, 24 अक्टूबर 2028, शिकागो, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

मंगलवार, 24 अक्टूबर 2028 को शिकागो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (11:11 तक), नक्षत्र उत्तराषाढ़ा (03:42, 25 अक्टू॰ तक) और योग धृति है। सूर्योदय 07:14 पर और सूर्यास्त 17:54 पर है। राहुकाल 15:14 से 16:34 तक है।

दिन और रात
दिन 07:14 – 17:54
रात 07:15 तक
तिथि
सप्तमी, 11:11 तक
अष्टमी
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा, 03:42 तक
श्रवण
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 अक्टूबर 2028 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 11:11 तक
शुक्ल अष्टमी 12:44, 25 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा 03:42, 25 अक्टू॰ तक
श्रवण 06:09, 26 अक्टू॰ तक
योग
धृति 00:55, 25 अक्टू॰ तक
शूलअशुभ 01:17, 26 अक्टू॰ तक
करण
वणिज 11:11 तक
विष्टि (भद्रा) 23:53 तक
बव 12:44, 25 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
धनु 08:15 तक
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:14
सूर्यास्त
17:54
चंद्रोदय
13:48
चंद्रास्त
23:40
दिनमान
10h 41m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:27 – 06:20
अभिजीत मुहूर्त
12:12 – 12:55

अशुभ समय

राहुकाल
15:14 – 16:34
यमगंड
09:54 – 11:14
गुलिक काल
12:34 – 13:54

24 अक्टूबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग07:14 – 08:34टालें
उद्वेग08:34 – 09:54टालें
चर09:54 – 11:14सामान्य
लाभ11:14 – 12:34शुभ
अमृत12:34 – 13:54शुभ
काल13:54 – 15:14टालें
शुभ15:14 – 16:34शुभ
रोग16:34 – 17:54टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:54 – 19:34टालें
लाभ19:34 – 21:14शुभ
उद्वेग21:14 – 22:54टालें
शुभ22:54 – 00:34शुभ
अमृत00:34 – 02:15शुभ
चर02:15 – 03:55सामान्य
रोग03:55 – 05:35टालें
काल05:35 – 07:15टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल07:1408:07दिन
सूर्य08:0709:00दिन
शुक्र09:0009:54दिन
बुध09:5410:47दिन
चंद्र10:4711:40दिन
शनि11:4012:34दिन
गुरु12:3413:27दिन
मंगल13:2714:21दिन
सूर्य14:2115:14दिन
शुक्र15:1416:07दिन
बुध16:0717:01दिन
चंद्र17:0117:54दिन
शनि17:5419:01रात
गुरु19:0120:08रात
मंगल20:0821:14रात
सूर्य21:1422:21रात
शुक्र22:2123:28रात
बुध23:2800:34रात
चंद्र00:3401:41रात
शनि01:4102:48रात
गुरु02:4803:55रात
मंगल03:5505:01रात
सूर्य05:0106:08रात
शुक्र06:0807:15रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
28 अक्टू॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
30 अक्टू॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
1 नव॰ 2028कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
5 नव॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
9 नव॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
12 नव॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
14 नव॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
15 नव॰ 2028वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
16 नव॰ 2028मार्गशीर्ष अमावस्याअमावस्या
19 नव॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां शिकागो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2596° (लाहिड़ी)। समय शिकागो (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।