15 जनवरी 2029 को शिकागो का पंचांग

सोमवार, 15 जनवरी 2029, शिकागो, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

सोमवार, 15 जनवरी 2029 को शिकागो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (12:00 तक), नक्षत्र श्रवण (06:39, 16 जन॰ तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 07:15 पर और सूर्यास्त 16:45 पर है। राहुकाल 08:26 से 09:37 तक है।

दिन और रात
दिन 07:15 – 16:45
रात 07:15 तक
तिथि
प्रतिपदा, 12:00 तक
द्वितीया
नक्षत्र
श्रवण, 06:39 तक
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

15 जनवरी 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 12:00 तक
शुक्ल द्वितीया 13:07, 16 जन॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 06:39, 16 जन॰ तक
धनिष्ठा 08:37, 17 जन॰ तक
योग
वज्रअशुभ 20:26 तक
सिद्धि 20:15, 16 जन॰ तक
करण
बव 12:00 तक
बालव 00:30, 16 जन॰ तक
कौलव 13:07, 16 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:15
सूर्यास्त
16:45
चंद्रोदय
07:43
चंद्रास्त
18:02
दिनमान
9h 30m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:19 – 06:17
अभिजीत मुहूर्त
11:41 – 12:19

अशुभ समय

राहुकाल
08:26 – 09:37
यमगंड
10:49 – 12:00
गुलिक काल
13:11 – 14:22

15 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत07:15 – 08:26शुभ
काल08:26 – 09:37टालें
शुभ09:37 – 10:49शुभ
रोग10:49 – 12:00टालें
उद्वेग12:00 – 13:11टालें
चर13:11 – 14:22सामान्य
लाभ14:22 – 15:33शुभ
अमृत15:33 – 16:45शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर16:45 – 18:33सामान्य
रोग18:33 – 20:22टालें
काल20:22 – 22:11टालें
लाभ22:11 – 00:00शुभ
उद्वेग00:00 – 01:48टालें
शुभ01:48 – 03:37शुभ
अमृत03:37 – 05:26शुभ
चर05:26 – 07:15सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र07:1508:02दिन
शनि08:0208:50दिन
गुरु08:5009:37दिन
मंगल09:3710:25दिन
सूर्य10:2511:12दिन
शुक्र11:1212:00दिन
बुध12:0012:47दिन
चंद्र12:4713:35दिन
शनि13:3514:22दिन
गुरु14:2215:10दिन
मंगल15:1015:57दिन
सूर्य15:5716:45दिन
शुक्र16:4517:57रात
बुध17:5719:10रात
चंद्र19:1020:22रात
शनि20:2221:35रात
गुरु21:3522:47रात
मंगल22:4700:00रात
सूर्य00:0001:12रात
शुक्र01:1202:25रात
बुध02:2503:37रात
चंद्र03:3704:50रात
शनि04:5006:02रात
गुरु06:0207:15रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
18 जन॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
25 जन॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
27 जन॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
29 जन॰ 2029माघ पूर्णिमापूर्णिमा
2 फ़र॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
5 फ़र॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
8 फ़र॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
10 फ़र॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
12 फ़र॰ 2029फाल्गुन अमावस्याअमावस्या
12 फ़र॰ 2029कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश

तिथियां शिकागो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2627° (लाहिड़ी)। समय शिकागो (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।