24 सितंबर 2029 को शिकागो का पंचांग

सोमवार, 24 सितंबर 2029, शिकागो, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

सोमवार, 24 सितंबर 2029 को शिकागो में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (15:46 तक), नक्षत्र रेवती (12:07 तक) और योग ध्रुव है। सूर्योदय 06:40 पर और सूर्यास्त 18:43 पर है। राहुकाल 08:10 से 09:41 तक है।

दिन और रात
दिन 06:40 – 18:43
रात 06:41 तक
तिथि
द्वितीया, 15:46 तक
तृतीया
नक्षत्र
रेवती, 12:07 तक
अश्विनी
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 सितंबर 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 15:46 तक
कृष्ण तृतीया 18:15, 25 सित॰ तक
नक्षत्र
रेवती 12:07 तक
अश्विनी 15:06, 25 सित॰ तक
योग
ध्रुव 16:29 तक
व्याघातअशुभ 17:25, 25 सित॰ तक
करण
गर 15:46 तक
वणिज 04:59, 25 सित॰ तक
विष्टि (भद्रा) 18:15, 25 सित॰ तक
चंद्र राशि
मीन 12:07 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:40
सूर्यास्त
18:43
चंद्रोदय
19:16
चंद्रास्त
08:39
दिनमान
12h 3m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:05 – 05:52
अभिजीत मुहूर्त
12:17 – 13:06

अशुभ समय

राहुकाल
08:10 – 09:41
यमगंड
11:11 – 12:41
गुलिक काल
14:12 – 15:42

24 सितंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:40 – 08:10शुभ
काल08:10 – 09:41टालें
शुभ09:41 – 11:11शुभ
रोग11:11 – 12:41टालें
उद्वेग12:41 – 14:12टालें
चर14:12 – 15:42सामान्य
लाभ15:42 – 17:13शुभ
अमृत17:13 – 18:43शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:43 – 20:13सामान्य
रोग20:13 – 21:43टालें
काल21:43 – 23:12टालें
लाभ23:12 – 00:42शुभ
उद्वेग00:42 – 02:12टालें
शुभ02:12 – 03:41शुभ
अमृत03:41 – 05:11शुभ
चर05:11 – 06:41सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:4007:40दिन
शनि07:4008:40दिन
गुरु08:4009:41दिन
मंगल09:4110:41दिन
सूर्य10:4111:41दिन
शुक्र11:4112:41दिन
बुध12:4113:42दिन
चंद्र13:4214:42दिन
शनि14:4215:42दिन
गुरु15:4216:43दिन
मंगल16:4317:43दिन
सूर्य17:4318:43दिन
शुक्र18:4319:43रात
बुध19:4320:43रात
चंद्र20:4321:43रात
शनि21:4322:42रात
गुरु22:4223:42रात
मंगल23:4200:42रात
सूर्य00:4201:42रात
शुक्र01:4202:42रात
बुध02:4203:41रात
चंद्र03:4104:41रात
शनि04:4105:41रात
गुरु05:4106:41रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
26 सित॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
30 सित॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
3 अक्टू॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
5 अक्टू॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
7 अक्टू॰ 2029आश्विन अमावस्याअमावस्या
10 अक्टू॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
17 अक्टू॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
17 अक्टू॰ 2029तुला संक्रांतिसूर्य का तुला में प्रवेश
19 अक्टू॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
21 अक्टू॰ 2029आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां शिकागो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2724° (लाहिड़ी)। समय शिकागो (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।