17 नवंबर 2029 को शिकागो का पंचांग

शनिवार, 17 नवंबर 2029, शिकागो, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

शनिवार, 17 नवंबर 2029 को शिकागो में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (14:24 तक), नक्षत्र रेवती (23:30 तक) और योग सिद्धि है। सूर्योदय 06:43 पर और सूर्यास्त 16:27 पर है। राहुकाल 09:09 से 10:22 तक है।

दिन और रात
दिन 06:43 – 16:27
रात 06:44 तक
तिथि
द्वादशी, 14:24 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
रेवती, 23:30 तक
अश्विनी
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 नवंबर 2029 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 14:24 तक
शुक्ल त्रयोदशी 16:57, 18 नव॰ तक
नक्षत्र
रेवती 23:30 तक
अश्विनी 02:31, 19 नव॰ तक
योग
सिद्धि 02:12, 18 नव॰ तक
व्यतीपातअशुभ 03:07, 19 नव॰ तक
करण
बालव 14:24 तक
कौलव 03:40, 18 नव॰ तक
तैतिल 16:57, 18 नव॰ तक
चंद्र राशि
मीन 23:30 तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:43
सूर्यास्त
16:27
चंद्रोदय
14:23
चंद्रास्त
03:25
दिनमान
9h 45m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:49 – 05:46
अभिजीत मुहूर्त
11:15 – 11:54

अशुभ समय

राहुकाल
09:09 – 10:22
यमगंड
12:48 – 14:01
गुलिक काल
06:43 – 07:56

17 नवंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:43 – 07:56टालें
शुभ07:56 – 09:09शुभ
रोग09:09 – 10:22टालें
उद्वेग10:22 – 11:35टालें
चर11:35 – 12:48सामान्य
लाभ12:48 – 14:01शुभ
अमृत14:01 – 15:14शुभ
काल15:14 – 16:27टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ16:27 – 18:14शुभ
उद्वेग18:14 – 20:01टालें
शुभ20:01 – 21:48शुभ
अमृत21:48 – 23:35शुभ
चर23:35 – 01:23सामान्य
रोग01:23 – 03:10टालें
काल03:10 – 04:57टालें
लाभ04:57 – 06:44शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:4307:31दिन
गुरु07:3108:20दिन
मंगल08:2009:09दिन
सूर्य09:0909:57दिन
शुक्र09:5710:46दिन
बुध10:4611:35दिन
चंद्र11:3512:24दिन
शनि12:2413:12दिन
गुरु13:1214:01दिन
मंगल14:0114:50दिन
सूर्य14:5015:39दिन
शुक्र15:3916:27दिन
बुध16:2717:39रात
चंद्र17:3918:50रात
शनि18:5020:01रात
गुरु20:0121:13रात
मंगल21:1322:24रात
सूर्य22:2423:35रात
शुक्र23:3500:47रात
बुध00:4701:58रात
चंद्र01:5803:10रात
शनि03:1004:21रात
गुरु04:2105:32रात
मंगल05:3206:44रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
18 नव॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
20 नव॰ 2029कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
24 नव॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
28 नव॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
1 दिस॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
3 दिस॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
5 दिस॰ 2029मार्गशीर्ष अमावस्याअमावस्या
8 दिस॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
15 दिस॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
15 दिस॰ 2029धनु संक्रांतिसूर्य का धनु में प्रवेश

तिथियां शिकागो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2744° (लाहिड़ी)। समय शिकागो (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।