25 नवंबर 2029 को शिकागो का पंचांग

रविवार, 25 नवंबर 2029, शिकागो, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

रविवार, 25 नवंबर 2029 को शिकागो में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (06:24, 26 नव॰ तक), नक्षत्र पुनर्वसु (17:18 तक) और योग शुक्ल है। सूर्योदय 06:52 पर और सूर्यास्त 16:22 पर है। राहुकाल 15:11 से 16:22 तक है।

दिन और रात
दिन 06:52 – 16:22
रात 06:53 तक
तिथि
पंचमी, 06:24 तक
नक्षत्र
पुनर्वसु, 17:18 तक
पुष्य
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 नवंबर 2029 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 06:24, 26 नव॰ तक
कृष्ण षष्ठी 06:39, 27 नव॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 18:25, 26 नव॰ तक
योग
शुक्ल 05:31, 26 नव॰ तक
ब्रह्म 04:34, 27 नव॰ तक
करण
कौलव 18:04 तक
तैतिल 06:24, 26 नव॰ तक
गर 18:36, 26 नव॰ तक
चंद्र राशि
मिथुन 10:56 तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:52
सूर्यास्त
16:22
चंद्रोदय
20:27
चंद्रास्त
10:23
दिनमान
9h 30m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:56 – 05:54
अभिजीत मुहूर्त
11:18 – 11:56

अशुभ समय

राहुकाल
15:11 – 16:22
यमगंड
11:37 – 12:48
गुलिक काल
14:00 – 15:11

25 नवंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:52 – 08:03टालें
चर08:03 – 09:14सामान्य
लाभ09:14 – 10:26शुभ
अमृत10:26 – 11:37शुभ
काल11:37 – 12:48टालें
शुभ12:48 – 14:00शुभ
रोग14:00 – 15:11टालें
उद्वेग15:11 – 16:22टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ16:22 – 18:11शुभ
अमृत18:11 – 20:00शुभ
चर20:00 – 21:49सामान्य
रोग21:49 – 23:38टालें
काल23:38 – 01:26टालें
लाभ01:26 – 03:15शुभ
उद्वेग03:15 – 05:04टालें
शुभ05:04 – 06:53शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:5207:39दिन
शुक्र07:3908:27दिन
बुध08:2709:14दिन
चंद्र09:1410:02दिन
शनि10:0210:49दिन
गुरु10:4911:37दिन
मंगल11:3712:24दिन
सूर्य12:2413:12दिन
शुक्र13:1214:00दिन
बुध14:0014:47दिन
चंद्र14:4715:35दिन
शनि15:3516:22दिन
गुरु16:2217:35रात
मंगल17:3518:47रात
सूर्य18:4720:00रात
शुक्र20:0021:12रात
बुध21:1222:25रात
चंद्र22:2523:38रात
शनि23:3800:50रात
गुरु00:5002:03रात
मंगल02:0303:15रात
सूर्य03:1504:28रात
शुक्र04:2805:40रात
बुध05:4006:53रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
28 नव॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
1 दिस॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
3 दिस॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
5 दिस॰ 2029मार्गशीर्ष अमावस्याअमावस्या
8 दिस॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
15 दिस॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
15 दिस॰ 2029धनु संक्रांतिसूर्य का धनु में प्रवेश
18 दिस॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
20 दिस॰ 2029मार्गशीर्ष पूर्णिमापूर्णिमा
24 दिस॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी

तिथियां शिकागो में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2748° (लाहिड़ी)। समय शिकागो (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।