19 सितंबर 2025 को डैलस का पंचांग

शुक्रवार, 19 सितंबर 2025, डैलस, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

शुक्रवार, 19 सितंबर 2025 को डैलस में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण त्रयोदशी (13:07 तक), नक्षत्र मघा (21:35 तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 07:13 पर और सूर्यास्त 19:27 पर है। राहुकाल 11:48 से 13:20 तक है।

दिन और रात
दिन 07:13 – 19:27
रात 07:14 तक
तिथि
त्रयोदशी, 13:07 तक
चतुर्दशी
नक्षत्र
मघा, 21:35 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

19 सितंबर 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी 13:07 तक
कृष्ण चतुर्दशी 13:47, 20 सित॰ तक
नक्षत्र
मघा 21:35 तक
पूर्वा फाल्गुनी 23:02, 20 सित॰ तक
योग
सिद्ध 10:11 तक
साध्य 09:36, 20 सित॰ तक
करण
वणिज 13:07 तक
विष्टि (भद्रा) 01:24, 20 सित॰ तक
शकुनि 13:47, 20 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:13
सूर्यास्त
19:27
चंद्रोदय
05:03
चंद्रास्त
18:29
दिनमान
12h 14m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:39 – 06:26
अभिजीत मुहूर्त
12:56 – 13:45

अशुभ समय

राहुकाल
11:48 – 13:20
यमगंड
16:24 – 17:55
गुलिक काल
08:45 – 10:17

19 सितंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर07:13 – 08:45सामान्य
लाभ08:45 – 10:17शुभ
अमृत10:17 – 11:48शुभ
काल11:48 – 13:20टालें
शुभ13:20 – 14:52शुभ
रोग14:52 – 16:24टालें
उद्वेग16:24 – 17:55टालें
चर17:55 – 19:27सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग19:27 – 20:55टालें
काल20:55 – 22:24टालें
लाभ22:24 – 23:52शुभ
उद्वेग23:52 – 01:20टालें
शुभ01:20 – 02:49शुभ
अमृत02:49 – 04:17शुभ
चर04:17 – 05:45सामान्य
रोग05:45 – 07:14टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र07:1308:14दिन
बुध08:1409:15दिन
चंद्र09:1510:17दिन
शनि10:1711:18दिन
गुरु11:1812:19दिन
मंगल12:1913:20दिन
सूर्य13:2014:21दिन
शुक्र14:2115:22दिन
बुध15:2216:24दिन
चंद्र16:2417:25दिन
शनि17:2518:26दिन
गुरु18:2619:27दिन
मंगल19:2720:26रात
सूर्य20:2621:25रात
शुक्र21:2522:24रात
बुध22:2423:23रात
चंद्र23:2300:21रात
शनि00:2101:20रात
गुरु01:2002:19रात
मंगल02:1903:18रात
सूर्य03:1804:17रात
शुक्र04:1705:16रात
बुध05:1606:15रात
चंद्र06:1507:14रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
19 सित॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
21 सित॰ 2025आश्विन अमावस्याअमावस्या
25 सित॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
3 अक्टू॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
4 अक्टू॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
6 अक्टू॰ 2025आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा
10 अक्टू॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
13 अक्टू॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
16 अक्टू॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
17 अक्टू॰ 2025तुला संक्रांतिसूर्य का तुला में प्रवेश
18 अक्टू॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी

तिथियां डैलस में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2163° (लाहिड़ी)। समय डैलस (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।