22 अक्टूबर 2026 को डैलस का पंचांग

गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026, डैलस, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को डैलस में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वादशी (04:06, 23 अक्टू॰ तक), नक्षत्र शतभिषा (10:19 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 07:36 पर और सूर्यास्त 18:46 पर है। राहुकाल 14:35 से 15:58 तक है।

दिन और रात
दिन 07:36 – 18:46
रात 07:37 तक
तिथि
द्वादशी, 04:06 तक
त्रयोदशी
नक्षत्र
पूर्वा भाद्रपद
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 अक्टूबर 2026 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
शुक्ल द्वादशी 04:06, 23 अक्टू॰ तक
शुक्ल त्रयोदशी 03:07, 24 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 10:19 तक
पूर्वा भाद्रपद 10:33, 23 अक्टू॰ तक
योग
वृद्धि 13:09 तक
ध्रुव 11:38, 23 अक्टू॰ तक
करण
बव 16:18 तक
बालव 04:06, 23 अक्टू॰ तक
कौलव 15:42, 23 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
कुंभ 04:34, 23 अक्टू॰ तक
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:36
सूर्यास्त
18:46
चंद्रोदय
16:43
चंद्रास्त
03:53
दिनमान
11h 9m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:54 – 06:45
अभिजीत मुहूर्त
12:49 – 13:33

अशुभ समय

राहुकाल
14:35 – 15:58
यमगंड
07:36 – 09:00
गुलिक काल
10:24 – 11:47

22 अक्टूबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ07:36 – 09:00शुभ
रोग09:00 – 10:24टालें
उद्वेग10:24 – 11:47टालें
चर11:47 – 13:11सामान्य
लाभ13:11 – 14:35शुभ
अमृत14:35 – 15:58शुभ
काल15:58 – 17:22टालें
शुभ17:22 – 18:46शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत18:46 – 20:22शुभ
चर20:22 – 21:58सामान्य
रोग21:58 – 23:35टालें
काल23:35 – 01:11टालें
लाभ01:11 – 02:48शुभ
उद्वेग02:48 – 04:24टालें
शुभ04:24 – 06:01शुभ
अमृत06:01 – 07:37शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु07:3608:32दिन
मंगल08:3209:28दिन
सूर्य09:2810:24दिन
शुक्र10:2411:19दिन
बुध11:1912:15दिन
चंद्र12:1513:11दिन
शनि13:1114:07दिन
गुरु14:0715:02दिन
मंगल15:0215:58दिन
सूर्य15:5816:54दिन
शुक्र16:5417:50दिन
बुध17:5018:46दिन
चंद्र18:4619:50रात
शनि19:5020:54रात
गुरु20:5421:58रात
मंगल21:5823:03रात
सूर्य23:0300:07रात
शुक्र00:0701:11रात
बुध01:1102:16रात
चंद्र02:1603:20रात
शनि03:2004:24रात
गुरु04:2405:29रात
मंगल05:2906:33रात
सूर्य06:3307:37रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
23 अक्टू॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
25 अक्टू॰ 2026आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा
29 अक्टू॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
1 नव॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
4 नव॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
6 नव॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
8 नव॰ 2026कार्तिक अमावस्याअमावस्या
12 नव॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
16 नव॰ 2026वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
20 नव॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी

तिथियां डैलस में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2315° (लाहिड़ी)। समय डैलस (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।