16 नवंबर 2026 को डैलस का पंचांग

सोमवार, 16 नवंबर 2026, डैलस, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

सोमवार, 16 नवंबर 2026 को डैलस में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल सप्तमी (16:50 तक), नक्षत्र श्रवण (14:47 तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 06:58 पर और सूर्यास्त 17:25 पर है। राहुकाल 08:16 से 09:35 तक है।

दिन और रात
दिन 06:58 – 17:25
रात 06:59 तक
तिथि
सप्तमी, 16:50 तक
अष्टमी
नक्षत्र
श्रवण, 14:47 तक
धनिष्ठा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

16 नवंबर 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल सप्तमी 16:50 तक
शुक्ल अष्टमी 18:35, 17 नव॰ तक
नक्षत्र
श्रवण 14:47 तक
धनिष्ठा 17:04, 17 नव॰ तक
योग
वृद्धि 20:24 तक
ध्रुव 20:35, 17 नव॰ तक
करण
वणिज 16:50 तक
विष्टि (भद्रा) 05:47, 17 नव॰ तक
बव 18:35, 17 नव॰ तक
चंद्र राशि
मकर 04:00, 17 नव॰ तक
सूर्य राशितुला
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:58
सूर्यास्त
17:25
चंद्रोदय
12:45
चंद्रास्त
23:41
दिनमान
10h 27m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
कार्तिक
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:10 – 06:04
अभिजीत मुहूर्त
11:50 – 12:32

अशुभ समय

राहुकाल
08:16 – 09:35
यमगंड
10:53 – 12:11
गुलिक काल
13:30 – 14:48

16 नवंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:58 – 08:16शुभ
काल08:16 – 09:35टालें
शुभ09:35 – 10:53शुभ
रोग10:53 – 12:11टालें
उद्वेग12:11 – 13:30टालें
चर13:30 – 14:48सामान्य
लाभ14:48 – 16:06शुभ
अमृत16:06 – 17:25शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:25 – 19:07सामान्य
रोग19:07 – 20:48टालें
काल20:48 – 22:30टालें
लाभ22:30 – 00:12शुभ
उद्वेग00:12 – 01:54टालें
शुभ01:54 – 03:35शुभ
अमृत03:35 – 05:17शुभ
चर05:17 – 06:59सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:5807:50दिन
शनि07:5008:42दिन
गुरु08:4209:35दिन
मंगल09:3510:27दिन
सूर्य10:2711:19दिन
शुक्र11:1912:11दिन
बुध12:1113:04दिन
चंद्र13:0413:56दिन
शनि13:5614:48दिन
गुरु14:4815:40दिन
मंगल15:4016:33दिन
सूर्य16:3317:25दिन
शुक्र17:2518:33रात
बुध18:3319:41रात
चंद्र19:4120:48रात
शनि20:4821:56रात
गुरु21:5623:04रात
मंगल23:0400:12रात
सूर्य00:1201:20रात
शुक्र01:2002:28रात
बुध02:2803:35रात
चंद्र03:3504:43रात
शनि04:4305:51रात
गुरु05:5106:59रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
16 नव॰ 2026वृश्चिक संक्रांतिसूर्य का वृश्चिक में प्रवेश
20 नव॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
22 नव॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
24 नव॰ 2026कार्तिक पूर्णिमापूर्णिमा
27 नव॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
1 दिस॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
4 दिस॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
6 दिस॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
8 दिस॰ 2026मार्गशीर्ष अमावस्याअमावस्या
12 दिस॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
15 दिस॰ 2026धनु संक्रांतिसूर्य का धनु में प्रवेश

तिथियां डैलस में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2325° (लाहिड़ी)। समय डैलस (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।