17 सितंबर 2027 को डैलस का पंचांग

शुक्रवार, 17 सितंबर 2027, डैलस, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

शुक्रवार, 17 सितंबर 2027 को डैलस में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण द्वितीया (20:14 तक), नक्षत्र रेवती (06:17, 18 सित॰ तक) और योग वृद्धि है। सूर्योदय 07:12 पर और सूर्यास्त 19:30 पर है। राहुकाल 11:49 से 13:21 तक है।

दिन और रात
दिन 07:12 – 19:30
रात 07:12 तक
तिथि
द्वितीया, 20:14 तक
तृतीया
नक्षत्र
रेवती, 06:17 तक
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

17 सितंबर 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण द्वितीया 20:14 तक
कृष्ण तृतीया 20:39, 18 सित॰ तक
नक्षत्र
रेवती 06:17, 18 सित॰ तक
अश्विनी 07:11, 19 सित॰ तक
योग
वृद्धि 22:33 तक
ध्रुव 21:49, 18 सित॰ तक
करण
तैतिल 07:51 तक
गर 20:14 तक
वणिज 08:30, 18 सित॰ तक
चंद्र राशि
मीन 06:17, 18 सित॰ तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:12
सूर्यास्त
19:30
चंद्रोदय
20:12
चंद्रास्त
08:46
दिनमान
12h 19m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:38 – 06:25
अभिजीत मुहूर्त
12:56 – 13:46

अशुभ समय

राहुकाल
11:49 – 13:21
यमगंड
16:26 – 17:58
गुलिक काल
08:44 – 10:16

17 सितंबर 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर07:12 – 08:44सामान्य
लाभ08:44 – 10:16शुभ
अमृत10:16 – 11:49शुभ
काल11:49 – 13:21टालें
शुभ13:21 – 14:53शुभ
रोग14:53 – 16:26टालें
उद्वेग16:26 – 17:58टालें
चर17:58 – 19:30सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग19:30 – 20:58टालें
काल20:58 – 22:26टालें
लाभ22:26 – 23:54शुभ
उद्वेग23:54 – 01:21टालें
शुभ01:21 – 02:49शुभ
अमृत02:49 – 04:17शुभ
चर04:17 – 05:44सामान्य
रोग05:44 – 07:12टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र07:1208:13दिन
बुध08:1309:15दिन
चंद्र09:1510:16दिन
शनि10:1611:18दिन
गुरु11:1812:19दिन
मंगल12:1913:21दिन
सूर्य13:2114:23दिन
शुक्र14:2315:24दिन
बुध15:2416:26दिन
चंद्र16:2617:27दिन
शनि17:2718:29दिन
गुरु18:2919:30दिन
मंगल19:3020:29रात
सूर्य20:2921:27रात
शुक्र21:2722:26रात
बुध22:2623:24रात
चंद्र23:2400:23रात
शनि00:2301:21रात
गुरु01:2102:20रात
मंगल02:2003:18रात
सूर्य03:1804:17रात
शुक्र04:1705:15रात
बुध05:1506:14रात
चंद्र06:1407:12रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
17 सित॰ 2027कन्या संक्रांतिसूर्य का कन्या में प्रवेश
19 सित॰ 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
23 सित॰ 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
26 सित॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
27 सित॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
29 सित॰ 2027आश्विन अमावस्याअमावस्या
3 अक्टू॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
10 अक्टू॰ 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
12 अक्टू॰ 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
15 अक्टू॰ 2027आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां डैलस में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2442° (लाहिड़ी)। समय डैलस (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।