29 सितंबर 2029 को डैलस का पंचांग

शनिवार, 29 सितंबर 2029, डैलस, संयुक्त राज्य। समय America/Chicago में है।

शनिवार, 29 सितंबर 2029 को डैलस में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण सप्तमी (03:19, 30 सित॰ तक), नक्षत्र मृगशिरा (02:18, 30 सित॰ तक) और योग व्यतीपात है। सूर्योदय 07:20 पर और सूर्यास्त 19:13 पर है। राहुकाल 10:18 से 11:47 तक है।

दिन और रात
दिन 07:20 – 19:13
रात 07:20 तक
तिथि
सप्तमी, 03:19 तक
अष्टमी
नक्षत्र
मृगशिरा, 02:18 तक
आर्द्रा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 सितंबर 2029 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
कृष्ण सप्तमी 03:19, 30 सित॰ तक
कृष्ण अष्टमी 04:23, 1 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
मृगशिरा 02:18, 30 सित॰ तक
आर्द्रा 03:59, 1 अक्टू॰ तक
योग
व्यतीपातअशुभ 20:36 तक
वरीयान 20:34, 30 सित॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 14:31 तक
बव 03:19, 30 सित॰ तक
बालव 15:56, 30 सित॰ तक
चंद्र राशि
वृषभ 13:13 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:20
सूर्यास्त
19:13
चंद्रोदय
23:44
चंद्रास्त
13:33
दिनमान
11h 54m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:43 – 06:31
अभिजीत मुहूर्त
12:53 – 13:40

अशुभ समय

राहुकाल
10:18 – 11:47
यमगंड
14:46 – 16:15
गुलिक काल
07:20 – 08:49

29 सितंबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल07:20 – 08:49टालें
शुभ08:49 – 10:18शुभ
रोग10:18 – 11:47टालें
उद्वेग11:47 – 13:17टालें
चर13:17 – 14:46सामान्य
लाभ14:46 – 16:15शुभ
अमृत16:15 – 17:44शुभ
काल17:44 – 19:13टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ19:13 – 20:44शुभ
उद्वेग20:44 – 22:15टालें
शुभ22:15 – 23:46शुभ
अमृत23:46 – 01:17शुभ
चर01:17 – 02:48सामान्य
रोग02:48 – 04:19टालें
काल04:19 – 05:50टालें
लाभ05:50 – 07:20शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि07:2008:19दिन
गुरु08:1909:19दिन
मंगल09:1910:18दिन
सूर्य10:1811:18दिन
शुक्र11:1812:17दिन
बुध12:1713:17दिन
चंद्र13:1714:16दिन
शनि14:1615:16दिन
गुरु15:1616:15दिन
मंगल16:1517:14दिन
सूर्य17:1418:14दिन
शुक्र18:1419:13दिन
बुध19:1320:14रात
चंद्र20:1421:15रात
शनि21:1522:15रात
गुरु22:1523:16रात
मंगल23:1600:16रात
सूर्य00:1601:17रात
शुक्र01:1702:18रात
बुध02:1803:18रात
चंद्र03:1804:19रात
शनि04:1905:19रात
गुरु05:1906:20रात
मंगल06:2007:20रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
30 सित॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
3 अक्टू॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
5 अक्टू॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
7 अक्टू॰ 2029आश्विन अमावस्याअमावस्या
10 अक्टू॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
17 अक्टू॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
17 अक्टू॰ 2029तुला संक्रांतिसूर्य का तुला में प्रवेश
19 अक्टू॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
21 अक्टू॰ 2029आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा
26 अक्टू॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी

तिथियां डैलस में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2726° (लाहिड़ी)। समय डैलस (America/Chicago) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।