3 जनवरी 2025 को दमन का पंचांग

शुक्रवार, 3 जनवरी 2025, दमन, भारत। समय Asia/Kolkata में है।

शुक्रवार, 3 जनवरी 2025 को दमन में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्थी (23:40 तक), नक्षत्र धनिष्ठा (22:21 तक) और योग वज्र है। सूर्योदय 07:15 पर और सूर्यास्त 18:11 पर है। राहुकाल 11:21 से 12:43 तक है।

दिन और रात
दिन 07:15 – 18:11
रात 07:15 तक
तिथि
चतुर्थी, 23:40 तक
पंचमी
नक्षत्र
धनिष्ठा, 22:21 तक
शतभिषा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 जनवरी 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल चतुर्थी 23:40 तक
शुक्ल पंचमी 22:01, 4 जन॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 21:23, 4 जन॰ तक
योग
वज्रअशुभ 12:37 तक
सिद्धि 10:08, 4 जन॰ तक
करण
वणिज 12:25 तक
विष्टि (भद्रा) 23:40 तक
बव 10:51, 4 जन॰ तक
चंद्र राशि
मकर 10:47 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:15
सूर्यास्त
18:11
चंद्रोदय
10:00
चंद्रास्त
21:36
दिनमान
10h 56m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:30 – 06:22
अभिजीत मुहूर्त
12:21 – 13:05

अशुभ समय

राहुकाल
11:21 – 12:43
यमगंड
15:27 – 16:49
गुलिक काल
08:37 – 09:59

3 जनवरी 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर07:15 – 08:37सामान्य
लाभ08:37 – 09:59शुभ
अमृत09:59 – 11:21शुभ
काल11:21 – 12:43टालें
शुभ12:43 – 14:05शुभ
रोग14:05 – 15:27टालें
उद्वेग15:27 – 16:49टालें
चर16:49 – 18:11सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग18:11 – 19:49टालें
काल19:49 – 21:27टालें
लाभ21:27 – 23:05शुभ
उद्वेग23:05 – 00:43टालें
शुभ00:43 – 02:21शुभ
अमृत02:21 – 03:59शुभ
चर03:59 – 05:37सामान्य
रोग05:37 – 07:15टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र07:1508:09दिन
बुध08:0909:04दिन
चंद्र09:0409:59दिन
शनि09:5910:53दिन
गुरु10:5311:48दिन
मंगल11:4812:43दिन
सूर्य12:4313:37दिन
शुक्र13:3714:32दिन
बुध14:3215:27दिन
चंद्र15:2716:21दिन
शनि16:2117:16दिन
गुरु17:1618:11दिन
मंगल18:1119:16रात
सूर्य19:1620:21रात
शुक्र20:2121:27रात
बुध21:2722:32रात
चंद्र22:3223:38रात
शनि23:3800:43रात
गुरु00:4301:48रात
मंगल01:4802:54रात
सूर्य02:5403:59रात
शुक्र03:5905:04रात
बुध05:0406:10रात
चंद्र06:1007:15रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
3 जन॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
10 जन॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
11 जन॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
13 जन॰ 2025पौष पूर्णिमापूर्णिमा
14 जन॰ 2025मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
17 जन॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
22 जन॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
25 जन॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
27 जन॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
29 जन॰ 2025माघ अमावस्याअमावस्या

तिथियां दमन में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2064° (लाहिड़ी)। समय दमन (Asia/Kolkata) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।