25 दिसंबर 2024 को दोहा का पंचांग

बुधवार, 25 दिसंबर 2024, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

बुधवार, 25 दिसंबर 2024 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण दशमी (19:59 तक), नक्षत्र चित्रा (12:52 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 06:17 पर और सूर्यास्त 16:51 पर है। राहुकाल 11:34 से 12:53 तक है।

दिन और रात
दिन 06:17 – 16:51
रात 06:17 तक
तिथि
दशमी, 19:59 तक
एकादशी
नक्षत्र
चित्रा, 12:52 तक
स्वाति
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

25 दिसंबर 2024 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण दशमी 19:59 तक
कृष्ण एकादशी 22:14, 26 दिस॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 12:52 तक
स्वाति 15:39, 26 दिस॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 19:16 तक
सुकर्मा 19:53, 26 दिस॰ तक
करण
वणिज 06:43 तक
विष्टि (भद्रा) 19:59 तक
बव 09:10, 26 दिस॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:17
सूर्यास्त
16:51
चंद्रोदय
01:10
चंद्रास्त
12:39
दिनमान
10h 34m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946, क्रोधी संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:29 – 05:23
अभिजीत मुहूर्त
11:12 – 11:55 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:34 – 12:53
यमगंड
07:36 – 08:55
गुलिक काल
10:14 – 11:34

25 दिसंबर 2024 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:17 – 07:36शुभ
अमृत07:36 – 08:55शुभ
काल08:55 – 10:14टालें
शुभ10:14 – 11:34शुभ
रोग11:34 – 12:53टालें
उद्वेग12:53 – 14:12टालें
चर14:12 – 15:31सामान्य
लाभ15:31 – 16:51शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग16:51 – 18:31टालें
शुभ18:31 – 20:12शुभ
अमृत20:12 – 21:53शुभ
चर21:53 – 23:34सामान्य
रोग23:34 – 01:15टालें
काल01:15 – 02:55टालें
लाभ02:55 – 04:36शुभ
उद्वेग04:36 – 06:17टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:1707:09दिन
चंद्र07:0908:02दिन
शनि08:0208:55दिन
गुरु08:5509:48दिन
मंगल09:4810:41दिन
सूर्य10:4111:34दिन
शुक्र11:3412:26दिन
बुध12:2613:19दिन
चंद्र13:1914:12दिन
शनि14:1215:05दिन
गुरु15:0515:58दिन
मंगल15:5816:51दिन
सूर्य16:5117:58रात
शुक्र17:5819:05रात
बुध19:0520:12रात
चंद्र20:1221:19रात
शनि21:1922:27रात
गुरु22:2723:34रात
मंगल23:3400:41रात
सूर्य00:4101:48रात
शुक्र01:4802:55रात
बुध02:5504:03रात
चंद्र04:0305:10रात
शनि05:1006:17रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
26 दिस॰ 2024कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
28 दिस॰ 2024प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
30 दिस॰ 2024पौष अमावस्याअमावस्या
3 जन॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
10 जन॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
11 जन॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
13 जन॰ 2025पौष पूर्णिमापूर्णिमा
14 जन॰ 2025मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
17 जन॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
22 जन॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी

तिथियां दोहा में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2060° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।