10 अगस्त 2025 को दोहा का पंचांग

रविवार, 10 अगस्त 2025, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

रविवार, 10 अगस्त 2025 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (09:40 तक), नक्षत्र धनिष्ठा (11:22 तक) और योग शोभन है। सूर्योदय 05:05 पर और सूर्यास्त 18:12 पर है। राहुकाल 16:34 से 18:12 तक है।

दिन और रात
दिन 05:05 – 18:12
रात 05:05 तक
तिथि
प्रतिपदा, 09:40 तक
द्वितीया
नक्षत्र
धनिष्ठा, 11:22 तक
शतभिषा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 अगस्त 2025 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 09:40 तक
कृष्ण द्वितीया 08:04, 11 अग॰ तक
नक्षत्र
शतभिषा 10:30, 11 अग॰ तक
योग
शोभन 21:32 तक
अतिगंडअशुभ 19:03, 11 अग॰ तक
करण
कौलव 09:40 तक
तैतिल 20:54 तक
गर 08:04, 11 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकर्क
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:05
सूर्यास्त
18:12
चंद्रोदय
19:07
चंद्रास्त
05:53
दिनमान
13h 8m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
श्रावण
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:38 – 04:21
अभिजीत मुहूर्त
11:12 – 12:05

अशुभ समय

राहुकाल
16:34 – 18:12
यमगंड
11:39 – 13:17
गुलिक काल
14:55 – 16:34

10 अगस्त 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:05 – 06:43टालें
चर06:43 – 08:22सामान्य
लाभ08:22 – 10:00शुभ
अमृत10:00 – 11:39शुभ
काल11:39 – 13:17टालें
शुभ13:17 – 14:55शुभ
रोग14:55 – 16:34टालें
उद्वेग16:34 – 18:12टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ18:12 – 19:34शुभ
अमृत19:34 – 20:56शुभ
चर20:56 – 22:17सामान्य
रोग22:17 – 23:39टालें
काल23:39 – 01:00टालें
लाभ01:00 – 02:22शुभ
उद्वेग02:22 – 03:44टालें
शुभ03:44 – 05:05शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:0506:10दिन
शुक्र06:1007:16दिन
बुध07:1608:22दिन
चंद्र08:2209:27दिन
शनि09:2710:33दिन
गुरु10:3311:39दिन
मंगल11:3912:44दिन
सूर्य12:4413:50दिन
शुक्र13:5014:55दिन
बुध14:5516:01दिन
चंद्र16:0117:07दिन
शनि17:0718:12दिन
गुरु18:1219:07रात
मंगल19:0720:01रात
सूर्य20:0120:56रात
शुक्र20:5621:50रात
बुध21:5022:44रात
चंद्र22:4423:39रात
शनि23:3900:33रात
गुरु00:3301:28रात
मंगल01:2802:22रात
सूर्य02:2203:16रात
शुक्र03:1604:11रात
बुध04:1105:05रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
12 अग॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
16 अग॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
16 अग॰ 2025सिंह संक्रांतिसूर्य का सिंह में प्रवेश
19 अग॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
21 अग॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
23 अग॰ 2025भाद्रपद अमावस्याअमावस्या
27 अग॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
3 सित॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
5 सित॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
7 सित॰ 2025भाद्रपद पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां दोहा में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2148° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।