29 अगस्त 2025 को दोहा का पंचांग

शुक्रवार, 29 अगस्त 2025, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

शुक्रवार, 29 अगस्त 2025 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल षष्ठी (17:52 तक), नक्षत्र स्वाति (09:08 तक) और योग ब्रह्म है। सूर्योदय 05:13 पर और सूर्यास्त 17:55 पर है। राहुकाल 09:59 से 11:34 तक है।

दिन और रात
दिन 05:13 – 17:55
रात 05:13 तक
तिथि
षष्ठी, 17:52 तक
सप्तमी
नक्षत्र
स्वाति, 09:08 तक
विशाखा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

29 अगस्त 2025 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल षष्ठी 17:52 तक
शुक्ल सप्तमी 20:17, 30 अग॰ तक
नक्षत्र
स्वाति 09:08 तक
विशाखा 12:07, 30 अग॰ तक
योग
ब्रह्म 11:42 तक
इंद्र 12:39, 30 अग॰ तक
करण
तैतिल 17:52 तक
गर 07:05, 30 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:13
सूर्यास्त
17:55
चंद्रोदय
10:28
चंद्रास्त
21:21
दिनमान
12h 42m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:43 – 04:28
अभिजीत मुहूर्त
11:09 – 12:00

अशुभ समय

राहुकाल
09:59 – 11:34
यमगंड
14:45 – 16:20
गुलिक काल
06:48 – 08:24

29 अगस्त 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर05:13 – 06:48सामान्य
लाभ06:48 – 08:24शुभ
अमृत08:24 – 09:59शुभ
काल09:59 – 11:34टालें
शुभ11:34 – 13:09शुभ
रोग13:09 – 14:45टालें
उद्वेग14:45 – 16:20टालें
चर16:20 – 17:55सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:55 – 19:20टालें
काल19:20 – 20:45टालें
लाभ20:45 – 22:10शुभ
उद्वेग22:10 – 23:34टालें
शुभ23:34 – 00:59शुभ
अमृत00:59 – 02:24शुभ
चर02:24 – 03:49सामान्य
रोग03:49 – 05:13टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र05:1306:16दिन
बुध06:1607:20दिन
चंद्र07:2008:24दिन
शनि08:2409:27दिन
गुरु09:2710:31दिन
मंगल10:3111:34दिन
सूर्य11:3412:38दिन
शुक्र12:3813:41दिन
बुध13:4114:45दिन
चंद्र14:4515:48दिन
शनि15:4816:52दिन
गुरु16:5217:55दिन
मंगल17:5518:52रात
सूर्य18:5219:48रात
शुक्र19:4820:45रात
बुध20:4521:41रात
चंद्र21:4122:38रात
शनि22:3823:34रात
गुरु23:3400:31रात
मंगल00:3101:27रात
सूर्य01:2702:24रात
शुक्र02:2403:20रात
बुध03:2004:17रात
चंद्र04:1705:13रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
3 सित॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
5 सित॰ 2025प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
7 सित॰ 2025भाद्रपद पूर्णिमापूर्णिमा
11 सित॰ 2025संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
14 सित॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
16 सित॰ 2025कन्या संक्रांतिसूर्य का कन्या में प्रवेश
17 सित॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
19 सित॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
21 सित॰ 2025आश्विन अमावस्याअमावस्या
25 सित॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां दोहा में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2155° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।