2 फ़रवरी 2026 को दोहा का पंचांग

सोमवार, 2 फ़रवरी 2026, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

सोमवार, 2 फ़रवरी 2026 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण प्रतिपदा (23:22 तक), नक्षत्र आश्लेषा (20:17 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 06:16 पर और सूर्यास्त 17:18 पर है। राहुकाल 07:39 से 09:02 तक है।

दिन और रात
दिन 06:16 – 17:18
रात 06:15 तक
तिथि
प्रतिपदा, 23:22 तक
द्वितीया
नक्षत्र
आश्लेषा, 20:17 तक
मघा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

2 फ़रवरी 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
कृष्ण प्रतिपदा 23:22 तक
कृष्ण द्वितीया 22:11, 3 फ़र॰ तक
नक्षत्र
मघा 19:40, 3 फ़र॰ तक
योग
सौभाग्य 02:15, 3 फ़र॰ तक
शोभन 00:09, 4 फ़र॰ तक
करण
बालव 12:12 तक
कौलव 23:22 तक
तैतिल 10:42, 3 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 20:17 तक
सूर्य राशिमकर
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:16
सूर्यास्त
17:18
चंद्रोदय
17:56
चंद्रास्त
06:36
दिनमान
11h 2m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:32 – 05:24
अभिजीत मुहूर्त
11:25 – 12:09

अशुभ समय

राहुकाल
07:39 – 09:02
यमगंड
10:24 – 11:47
गुलिक काल
13:10 – 14:33

2 फ़रवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत06:16 – 07:39शुभ
काल07:39 – 09:02टालें
शुभ09:02 – 10:24शुभ
रोग10:24 – 11:47टालें
उद्वेग11:47 – 13:10टालें
चर13:10 – 14:33सामान्य
लाभ14:33 – 15:56शुभ
अमृत15:56 – 17:18शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:18 – 18:55सामान्य
रोग18:55 – 20:33टालें
काल20:33 – 22:10टालें
लाभ22:10 – 23:47शुभ
उद्वेग23:47 – 01:24टालें
शुभ01:24 – 03:01शुभ
अमृत03:01 – 04:38शुभ
चर04:38 – 06:15सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र06:1607:11दिन
शनि07:1108:06दिन
गुरु08:0609:02दिन
मंगल09:0209:57दिन
सूर्य09:5710:52दिन
शुक्र10:5211:47दिन
बुध11:4712:42दिन
चंद्र12:4213:38दिन
शनि13:3814:33दिन
गुरु14:3315:28दिन
मंगल15:2816:23दिन
सूर्य16:2317:18दिन
शुक्र17:1818:23रात
बुध18:2319:28रात
चंद्र19:2820:33रात
शनि20:3321:37रात
गुरु21:3722:42रात
मंगल22:4223:47रात
सूर्य23:4700:52रात
शुक्र00:5201:56रात
बुध01:5603:01रात
चंद्र03:0104:06रात
शनि04:0605:11रात
गुरु05:1106:15रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
5 फ़र॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
9 फ़र॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
13 फ़र॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
13 फ़र॰ 2026कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
15 फ़र॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
17 फ़र॰ 2026फाल्गुन अमावस्याअमावस्या
21 फ़र॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
27 फ़र॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
1 मार्च 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
3 मार्च 2026फाल्गुन पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां दोहा में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2215° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।