4 दिसंबर 2026 को दोहा का पंचांग

शुक्रवार, 4 दिसंबर 2026, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

शुक्रवार, 4 दिसंबर 2026 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (21:15 तक), नक्षत्र हस्त (07:53 तक) और योग सौभाग्य है। सूर्योदय 06:04 पर और सूर्यास्त 16:43 पर है। राहुकाल 10:04 से 11:23 तक है।

दिन और रात
दिन 06:04 – 16:43
रात 06:05 तक
तिथि
एकादशी, 21:15 तक
द्वादशी
नक्षत्र
चित्रा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 दिसंबर 2026 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 21:15 तक
कृष्ण द्वादशी 22:22, 5 दिस॰ तक
नक्षत्र
हस्त 07:53 तक
चित्रा 09:19, 5 दिस॰ तक
योग
सौभाग्य 05:23, 5 दिस॰ तक
शोभन 05:11, 6 दिस॰ तक
करण
बव 08:51 तक
बालव 21:15 तक
कौलव 09:45, 5 दिस॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 20:32 तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:04
सूर्यास्त
16:43
चंद्रोदय
01:47
चंद्रास्त
13:26
दिनमान
10h 39m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
कार्तिक
मास (पूर्णिमांत)
मार्गशीर्ष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:17 – 05:10
अभिजीत मुहूर्त
11:02 – 11:45

अशुभ समय

राहुकाल
10:04 – 11:23
यमगंड
14:03 – 15:23
गुलिक काल
07:24 – 08:44

4 दिसंबर 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:04 – 07:24सामान्य
लाभ07:24 – 08:44शुभ
अमृत08:44 – 10:04शुभ
काल10:04 – 11:23टालें
शुभ11:23 – 12:43शुभ
रोग12:43 – 14:03टालें
उद्वेग14:03 – 15:23टालें
चर15:23 – 16:43सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग16:43 – 18:23टालें
काल18:23 – 20:03टालें
लाभ20:03 – 21:44शुभ
उद्वेग21:44 – 23:24टालें
शुभ23:24 – 01:04शुभ
अमृत01:04 – 02:44शुभ
चर02:44 – 04:24सामान्य
रोग04:24 – 06:05टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:0406:57दिन
बुध06:5707:50दिन
चंद्र07:5008:44दिन
शनि08:4409:37दिन
गुरु09:3710:30दिन
मंगल10:3011:23दिन
सूर्य11:2312:17दिन
शुक्र12:1713:10दिन
बुध13:1014:03दिन
चंद्र14:0314:56दिन
शनि14:5615:50दिन
गुरु15:5016:43दिन
मंगल16:4317:50रात
सूर्य17:5018:57रात
शुक्र18:5720:03रात
बुध20:0321:10रात
चंद्र21:1022:17रात
शनि22:1723:24रात
गुरु23:2400:31रात
मंगल00:3101:37रात
सूर्य01:3702:44रात
शुक्र02:4403:51रात
बुध03:5104:58रात
चंद्र04:5806:05रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
4 दिस॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
6 दिस॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
8 दिस॰ 2026मार्गशीर्ष अमावस्याअमावस्या
13 दिस॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
16 दिस॰ 2026धनु संक्रांतिसूर्य का धनु में प्रवेश
20 दिस॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
22 दिस॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
23 दिस॰ 2026मार्गशीर्ष पूर्णिमापूर्णिमा
27 दिस॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
31 दिस॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी

तिथियां दोहा में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2332° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।