22 जनवरी 2027 को दोहा का पंचांग

शुक्रवार, 22 जनवरी 2027, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

शुक्रवार, 22 जनवरी 2027 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि पूर्णिमा (15:17 तक), नक्षत्र पुनर्वसु (07:55 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 06:20 पर और सूर्यास्त 17:10 पर है। राहुकाल 10:24 से 11:45 तक है।

दिन और रात
दिन 06:20 – 17:10
रात 06:20 तक
तिथि
पूर्णिमा, 15:17 तक
प्रतिपदा
नक्षत्र
पुष्य, 05:01 तक
आश्लेषा
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

22 जनवरी 2027 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
पूर्णिमा 15:17 तक
कृष्ण प्रतिपदा 11:43, 23 जन॰ तक
नक्षत्र
पुष्य 05:01, 23 जन॰ तक
आश्लेषा 02:23, 24 जन॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 11:20 तक
प्रीति 07:08, 23 जन॰ तक
करण
बव 15:17 तक
बालव 01:28, 23 जन॰ तक
कौलव 11:43, 23 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिमकर
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:20
सूर्यास्त
17:10
चंद्रोदय
17:10
चंद्रास्त
06:09
दिनमान
10h 50m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:34 – 05:27
अभिजीत मुहूर्त
11:23 – 12:07

अशुभ समय

राहुकाल
10:24 – 11:45
यमगंड
14:27 – 15:49
गुलिक काल
07:41 – 09:02

22 जनवरी 2027 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:20 – 07:41सामान्य
लाभ07:41 – 09:02शुभ
अमृत09:02 – 10:24शुभ
काल10:24 – 11:45टालें
शुभ11:45 – 13:06शुभ
रोग13:06 – 14:27टालें
उद्वेग14:27 – 15:49टालें
चर15:49 – 17:10सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग17:10 – 18:49टालें
काल18:49 – 20:27टालें
लाभ20:27 – 22:06शुभ
उद्वेग22:06 – 23:45टालें
शुभ23:45 – 01:24शुभ
अमृत01:24 – 03:02शुभ
चर03:02 – 04:41सामान्य
रोग04:41 – 06:20टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:2007:14दिन
बुध07:1408:08दिन
चंद्र08:0809:02दिन
शनि09:0209:57दिन
गुरु09:5710:51दिन
मंगल10:5111:45दिन
सूर्य11:4512:39दिन
शुक्र12:3913:33दिन
बुध13:3314:27दिन
चंद्र14:2715:22दिन
शनि15:2216:16दिन
गुरु16:1617:10दिन
मंगल17:1018:16रात
सूर्य18:1619:22रात
शुक्र19:2220:27रात
बुध20:2721:33रात
चंद्र21:3322:39रात
शनि22:3923:45रात
गुरु23:4500:51रात
मंगल00:5101:56रात
सूर्य01:5603:02रात
शुक्र03:0204:08रात
बुध04:0805:14रात
चंद्र05:1406:20रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
22 जन॰ 2027पौष पूर्णिमापूर्णिमा
25 जन॰ 2027संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
29 जन॰ 2027कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
1 फ़र॰ 2027कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
4 फ़र॰ 2027प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
6 फ़र॰ 2027माघ अमावस्याअमावस्या
10 फ़र॰ 2027विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
13 फ़र॰ 2027कुंभ संक्रांतिसूर्य का कुंभ में प्रवेश
17 फ़र॰ 2027शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
19 फ़र॰ 2027प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
20 फ़र॰ 2027माघ पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां दोहा में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2350° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।