7 जनवरी 2028 को दोहा का पंचांग

शुक्रवार, 7 जनवरी 2028, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

शुक्रवार, 7 जनवरी 2028 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल दशमी (18:00 तक), नक्षत्र भरणी (01:22, 8 जन॰ तक) और योग सिद्ध है। सूर्योदय 06:20 पर और सूर्यास्त 16:59 पर है। राहुकाल 10:20 से 11:39 तक है।

दिन और रात
दिन 06:20 – 16:59
रात 06:20 तक
तिथि
दशमी, 18:00 तक
एकादशी
नक्षत्र
भरणी, 01:22 तक
कृत्तिका
चौघड़िया
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 जनवरी 2028 का पंचांग

वारशुक्रवार
तिथि
शुक्ल दशमी 18:00 तक
शुक्ल एकादशी 17:06, 8 जन॰ तक
नक्षत्र
भरणी 01:22, 8 जन॰ तक
कृत्तिका 00:50, 9 जन॰ तक
योग
सिद्ध 09:18 तक
साध्य 07:37, 8 जन॰ तक
करण
गर 18:00 तक
वणिज 05:39, 8 जन॰ तक
विष्टि (भद्रा) 17:06, 8 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:20
सूर्यास्त
16:59
चंद्रोदय
12:25
चंद्रास्त
01:20
दिनमान
10h 38m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:33 – 05:27
अभिजीत मुहूर्त
11:18 – 12:01

अशुभ समय

राहुकाल
10:20 – 11:39
यमगंड
14:19 – 15:39
गुलिक काल
07:40 – 09:00

7 जनवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
चर06:20 – 07:40सामान्य
लाभ07:40 – 09:00शुभ
अमृत09:00 – 10:20शुभ
काल10:20 – 11:39टालें
शुभ11:39 – 12:59शुभ
रोग12:59 – 14:19टालें
उद्वेग14:19 – 15:39टालें
चर15:39 – 16:59सामान्य
रात का चौघड़ियासमयफल
रोग16:59 – 18:39टालें
काल18:39 – 20:19टालें
लाभ20:19 – 21:59शुभ
उद्वेग21:59 – 23:40टालें
शुभ23:40 – 01:20शुभ
अमृत01:20 – 03:00शुभ
चर03:00 – 04:40सामान्य
रोग04:40 – 06:20टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शुक्र06:2007:13दिन
बुध07:1308:07दिन
चंद्र08:0709:00दिन
शनि09:0009:53दिन
गुरु09:5310:46दिन
मंगल10:4611:39दिन
सूर्य11:3912:33दिन
शुक्र12:3313:26दिन
बुध13:2614:19दिन
चंद्र14:1915:12दिन
शनि15:1216:05दिन
गुरु16:0516:59दिन
मंगल16:5918:05रात
सूर्य18:0519:12रात
शुक्र19:1220:19रात
बुध20:1921:26रात
चंद्र21:2622:33रात
शनि22:3323:40रात
गुरु23:4000:46रात
मंगल00:4601:53रात
सूर्य01:5303:00रात
शुक्र03:0004:07रात
बुध04:0705:14रात
चंद्र05:1406:20रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
8 जन॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
10 जन॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
12 जन॰ 2028पौष पूर्णिमापूर्णिमा
15 जन॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
15 जन॰ 2028मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
19 जन॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
22 जन॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
24 जन॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
26 जन॰ 2028माघ अमावस्याअमावस्या
30 जन॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां दोहा में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2484° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।