8 जनवरी 2028 को दोहा का पंचांग

शनिवार, 8 जनवरी 2028, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

शनिवार, 8 जनवरी 2028 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (17:06 तक), नक्षत्र कृत्तिका (00:50, 9 जन॰ तक) और योग साध्य है। सूर्योदय 06:20 पर और सूर्यास्त 16:59 पर है। राहुकाल 09:00 से 10:20 तक है।

दिन और रात
दिन 06:20 – 16:59
रात 06:20 तक
तिथि
एकादशी, 17:06 तक
द्वादशी
नक्षत्र
कृत्तिका, 00:50 तक
रोहिणी
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 जनवरी 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 17:06 तक
शुक्ल द्वादशी 15:26, 9 जन॰ तक
नक्षत्र
कृत्तिका 00:50, 9 जन॰ तक
रोहिणी 23:36, 9 जन॰ तक
योग
साध्य 07:37 तक
शुभ 05:19, 9 जन॰ तक
शुक्ल 02:26, 10 जन॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 17:06 तक
बव 04:21, 9 जन॰ तक
बालव 15:26, 9 जन॰ तक
चंद्र राशि
मेष 07:18 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:20
सूर्यास्त
16:59
चंद्रोदय
13:11
चंद्रास्त
02:21
दिनमान
10h 39m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:33 – 05:27
अभिजीत मुहूर्त
11:19 – 12:01

अशुभ समय

राहुकाल
09:00 – 10:20
यमगंड
13:00 – 14:20
गुलिक काल
06:20 – 07:40

8 जनवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल06:20 – 07:40टालें
शुभ07:40 – 09:00शुभ
रोग09:00 – 10:20टालें
उद्वेग10:20 – 11:40टालें
चर11:40 – 13:00सामान्य
लाभ13:00 – 14:20शुभ
अमृत14:20 – 15:40शुभ
काल15:40 – 16:59टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ16:59 – 18:40शुभ
उद्वेग18:40 – 20:20टालें
शुभ20:20 – 22:00शुभ
अमृत22:00 – 23:40शुभ
चर23:40 – 01:20सामान्य
रोग01:20 – 03:00टालें
काल03:00 – 04:40टालें
लाभ04:40 – 06:20शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि06:2007:14दिन
गुरु07:1408:07दिन
मंगल08:0709:00दिन
सूर्य09:0009:53दिन
शुक्र09:5310:47दिन
बुध10:4711:40दिन
चंद्र11:4012:33दिन
शनि12:3313:26दिन
गुरु13:2614:20दिन
मंगल14:2015:13दिन
सूर्य15:1316:06दिन
शुक्र16:0616:59दिन
बुध16:5918:06रात
चंद्र18:0619:13रात
शनि19:1320:20रात
गुरु20:2021:26रात
मंगल21:2622:33रात
सूर्य22:3323:40रात
शुक्र23:4000:47रात
बुध00:4701:53रात
चंद्र01:5303:00रात
शनि03:0004:07रात
गुरु04:0705:14रात
मंगल05:1406:20रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
8 जन॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
10 जन॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
12 जन॰ 2028पौष पूर्णिमापूर्णिमा
15 जन॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
15 जन॰ 2028मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
19 जन॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
22 जन॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
24 जन॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
26 जन॰ 2028माघ अमावस्याअमावस्या
30 जन॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां दोहा में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2485° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।