24 फ़रवरी 2028 को दोहा का पंचांग

गुरुवार, 24 फ़रवरी 2028, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

गुरुवार, 24 फ़रवरी 2028 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्दशी (10:57 तक), नक्षत्र धनिष्ठा (02:35, 25 फ़र॰ तक) और योग परिघ है। सूर्योदय 06:01 पर और सूर्यास्त 17:32 पर है। राहुकाल 13:13 से 14:40 तक है।

दिन और रात
दिन 06:01 – 17:32
रात 06:01 तक
तिथि
चतुर्दशी, 10:57 तक
अमावस्या
नक्षत्र
धनिष्ठा, 02:35 तक
शतभिषा
चौघड़िया
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

24 फ़रवरी 2028 का पंचांग

वारगुरुवार
तिथि
कृष्ण चतुर्दशी 10:57 तक
अमावस्या 13:37, 25 फ़र॰ तक
नक्षत्र
धनिष्ठा 02:35, 25 फ़र॰ तक
शतभिषा 05:38, 26 फ़र॰ तक
योग
परिघअशुभ 17:17 तक
शिव 18:15, 25 फ़र॰ तक
करण
शकुनि 10:57 तक
चतुष्पद 00:17, 25 फ़र॰ तक
नाग 13:37, 25 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
मकर 13:02 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:01
सूर्यास्त
17:32
चंद्रोदय
05:14
चंद्रास्त
16:47
दिनमान
11h 31m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
माघ
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:21 – 05:11
अभिजीत मुहूर्त
11:24 – 12:10

अशुभ समय

राहुकाल
13:13 – 14:40
यमगंड
06:01 – 07:28
गुलिक काल
08:54 – 10:20

24 फ़रवरी 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
शुभ06:01 – 07:28शुभ
रोग07:28 – 08:54टालें
उद्वेग08:54 – 10:20टालें
चर10:20 – 11:47सामान्य
लाभ11:47 – 13:13शुभ
अमृत13:13 – 14:40शुभ
काल14:40 – 16:06टालें
शुभ16:06 – 17:32शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
अमृत17:32 – 19:06शुभ
चर19:06 – 20:39सामान्य
रोग20:39 – 22:13टालें
काल22:13 – 23:46टालें
लाभ23:46 – 01:20शुभ
उद्वेग01:20 – 02:53टालें
शुभ02:53 – 04:27शुभ
अमृत04:27 – 06:01शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
गुरु06:0106:59दिन
मंगल06:5907:57दिन
सूर्य07:5708:54दिन
शुक्र08:5409:52दिन
बुध09:5210:49दिन
चंद्र10:4911:47दिन
शनि11:4712:44दिन
गुरु12:4413:42दिन
मंगल13:4214:40दिन
सूर्य14:4015:37दिन
शुक्र15:3716:35दिन
बुध16:3517:32दिन
चंद्र17:3218:35रात
शनि18:3519:37रात
गुरु19:3720:39रात
मंगल20:3921:42रात
सूर्य21:4222:44रात
शुक्र22:4423:46रात
बुध23:4600:49रात
चंद्र00:4901:51रात
शनि01:5102:53रात
गुरु02:5303:56रात
मंगल03:5604:58रात
सूर्य04:5806:01रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
25 फ़र॰ 2028फाल्गुन अमावस्याअमावस्या
29 फ़र॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
7 मार्च 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
9 मार्च 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
10 मार्च 2028फाल्गुन पूर्णिमापूर्णिमा
14 मार्च 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
14 मार्च 2028मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश
18 मार्च 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
21 मार्च 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
23 मार्च 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी

तिथियां दोहा में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2503° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।