4 मार्च 2028 को दोहा का पंचांग

शनिवार, 4 मार्च 2028, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

शनिवार, 4 मार्च 2028 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (23:40 तक), नक्षत्र रोहिणी (17:55 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 05:53 पर और सूर्यास्त 17:37 पर है। राहुकाल 08:49 से 10:17 तक है।

दिन और रात
दिन 05:53 – 17:37
रात 05:52 तक
तिथि
अष्टमी, 23:40 तक
नवमी
नक्षत्र
रोहिणी, 17:55 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

4 मार्च 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 23:40 तक
शुक्ल नवमी 22:25, 5 मार्च तक
नक्षत्र
रोहिणी 17:55 तक
मृगशिरा 17:30, 5 मार्च तक
योग
विष्कंभअशुभ 17:24 तक
प्रीति 15:24, 5 मार्च तक
करण
विष्टि (भद्रा) 12:02 तक
बव 23:40 तक
बालव 11:08, 5 मार्च तक
चंद्र राशि
वृषभ 05:48, 5 मार्च तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:53
सूर्यास्त
17:37
चंद्रोदय
10:36
चंद्रास्त
इस दिन चंद्रास्त नहीं
दिनमान
11h 44m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2084
शक संवत
1949, प्लवंग संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:15 – 05:04
अभिजीत मुहूर्त
11:22 – 12:09

अशुभ समय

राहुकाल
08:49 – 10:17
यमगंड
13:13 – 14:41
गुलिक काल
05:53 – 07:21

4 मार्च 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:53 – 07:21टालें
शुभ07:21 – 08:49शुभ
रोग08:49 – 10:17टालें
उद्वेग10:17 – 11:45टालें
चर11:45 – 13:13सामान्य
लाभ13:13 – 14:41शुभ
अमृत14:41 – 16:09शुभ
काल16:09 – 17:37टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:37 – 19:09शुभ
उद्वेग19:09 – 20:41टालें
शुभ20:41 – 22:13शुभ
अमृत22:13 – 23:45शुभ
चर23:45 – 01:17सामान्य
रोग01:17 – 02:48टालें
काल02:48 – 04:20टालें
लाभ04:20 – 05:52शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:5306:52दिन
गुरु06:5207:51दिन
मंगल07:5108:49दिन
सूर्य08:4909:48दिन
शुक्र09:4810:47दिन
बुध10:4711:45दिन
चंद्र11:4512:44दिन
शनि12:4413:42दिन
गुरु13:4214:41दिन
मंगल14:4115:40दिन
सूर्य15:4016:38दिन
शुक्र16:3817:37दिन
बुध17:3718:38रात
चंद्र18:3819:40रात
शनि19:4020:41रात
गुरु20:4121:42रात
मंगल21:4222:43रात
सूर्य22:4323:45रात
शुक्र23:4500:46रात
बुध00:4601:47रात
चंद्र01:4702:48रात
शनि02:4803:50रात
गुरु03:5004:51रात
मंगल04:5105:52रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
7 मार्च 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
9 मार्च 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
10 मार्च 2028फाल्गुन पूर्णिमापूर्णिमा
14 मार्च 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
14 मार्च 2028मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश
18 मार्च 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
21 मार्च 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
23 मार्च 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
25 मार्च 2028चैत्र अमावस्याअमावस्या
30 मार्च 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां दोहा में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2506° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।