5 अप्रैल 2028 को दोहा का पंचांग

बुधवार, 5 अप्रैल 2028, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

बुधवार, 5 अप्रैल 2028 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल एकादशी (02:29, 6 अप्रैल तक), नक्षत्र आश्लेषा (19:11 तक) और योग धृति है। सूर्योदय 05:21 पर और सूर्यास्त 17:52 पर है। राहुकाल 11:36 से 13:10 तक है।

दिन और रात
दिन 05:21 – 17:52
रात 05:19 तक
तिथि
एकादशी, 02:29 तक
द्वादशी
नक्षत्र
आश्लेषा, 19:11 तक
मघा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

5 अप्रैल 2028 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
शुक्ल एकादशी 02:29, 6 अप्रैल तक
शुक्ल द्वादशी 23:22, 6 अप्रैल तक
नक्षत्र
मघा 16:57, 6 अप्रैल तक
योग
धृति 10:44 तक
शूलअशुभ 07:14, 6 अप्रैल तक
करण
वणिज 15:55 तक
विष्टि (भद्रा) 02:29, 6 अप्रैल तक
बव 12:57, 6 अप्रैल तक
चंद्र राशि
कर्क 19:11 तक
सूर्य राशिमीन
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:21
सूर्यास्त
17:52
चंद्रोदय
13:43
चंद्रास्त
02:12
दिनमान
12h 31m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
चैत्र
मास (पूर्णिमांत)
चैत्र
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वसंत
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:49 – 04:35
अभिजीत मुहूर्त
11:11 – 12:01 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:36 – 13:10
यमगंड
06:54 – 08:28
गुलिक काल
10:02 – 11:36

5 अप्रैल 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ05:21 – 06:54शुभ
अमृत06:54 – 08:28शुभ
काल08:28 – 10:02टालें
शुभ10:02 – 11:36शुभ
रोग11:36 – 13:10टालें
उद्वेग13:10 – 14:44टालें
चर14:44 – 16:18सामान्य
लाभ16:18 – 17:52शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:52 – 19:18टालें
शुभ19:18 – 20:44शुभ
अमृत20:44 – 22:10शुभ
चर22:10 – 23:36सामान्य
रोग23:36 – 01:02टालें
काल01:02 – 02:28टालें
लाभ02:28 – 03:54शुभ
उद्वेग03:54 – 05:19टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध05:2106:23दिन
चंद्र06:2307:26दिन
शनि07:2608:28दिन
गुरु08:2809:31दिन
मंगल09:3110:34दिन
सूर्य10:3411:36दिन
शुक्र11:3612:39दिन
बुध12:3913:41दिन
चंद्र13:4114:44दिन
शनि14:4415:47दिन
गुरु15:4716:49दिन
मंगल16:4917:52दिन
सूर्य17:5218:49रात
शुक्र18:4919:46रात
बुध19:4620:44रात
चंद्र20:4421:41रात
शनि21:4122:38रात
गुरु22:3823:36रात
मंगल23:3600:33रात
सूर्य00:3301:30रात
शुक्र01:3002:28रात
बुध02:2803:25रात
चंद्र03:2504:22रात
शनि04:2205:19रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
5 अप्रैल 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
7 अप्रैल 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
9 अप्रैल 2028चैत्र पूर्णिमापूर्णिमा
12 अप्रैल 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
13 अप्रैल 2028मेष संक्रांतिसूर्य का मेष में प्रवेश
17 अप्रैल 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
20 अप्रैल 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
22 अप्रैल 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
24 अप्रैल 2028वैशाख अमावस्याअमावस्या
28 अप्रैल 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां दोहा में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2518° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।