27 अगस्त 2028 को दोहा का पंचांग

रविवार, 27 अगस्त 2028, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

रविवार, 27 अगस्त 2028 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल अष्टमी (16:19 तक), नक्षत्र अनुराधा (16:34 तक) और योग वैधृति है। सूर्योदय 05:12 पर और सूर्यास्त 17:57 पर है। राहुकाल 16:21 से 17:57 तक है।

दिन और रात
दिन 05:12 – 17:57
रात 05:13 तक
तिथि
अष्टमी, 16:19 तक
नवमी
नक्षत्र
अनुराधा, 16:34 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 अगस्त 2028 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
शुक्ल अष्टमी 16:19 तक
शुक्ल नवमी 16:20, 28 अग॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 17:16, 28 अग॰ तक
योग
वैधृतिअशुभ 21:19 तक
विष्कंभअशुभ 20:25, 28 अग॰ तक
करण
बव 16:19 तक
बालव 04:14, 28 अग॰ तक
कौलव 16:20, 28 अग॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिसिंह
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:12
सूर्यास्त
17:57
चंद्रोदय
12:26
चंद्रास्त
23:05
दिनमान
12h 45m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
भाद्रपद
मास (पूर्णिमांत)
भाद्रपद
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
वर्षा
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:42 – 04:27
अभिजीत मुहूर्त
11:09 – 12:00

अशुभ समय

राहुकाल
16:21 – 17:57
यमगंड
11:35 – 13:10
गुलिक काल
14:46 – 16:21

27 अगस्त 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग05:12 – 06:48टालें
चर06:48 – 08:23सामान्य
लाभ08:23 – 09:59शुभ
अमृत09:59 – 11:35शुभ
काल11:35 – 13:10टालें
शुभ13:10 – 14:46शुभ
रोग14:46 – 16:21टालें
उद्वेग16:21 – 17:57टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ17:57 – 19:21शुभ
अमृत19:21 – 20:46शुभ
चर20:46 – 22:10सामान्य
रोग22:10 – 23:35टालें
काल23:35 – 00:59टालें
लाभ00:59 – 02:24शुभ
उद्वेग02:24 – 03:48टालें
शुभ03:48 – 05:13शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य05:1206:16दिन
शुक्र06:1607:20दिन
बुध07:2008:23दिन
चंद्र08:2309:27दिन
शनि09:2710:31दिन
गुरु10:3111:35दिन
मंगल11:3512:38दिन
सूर्य12:3813:42दिन
शुक्र13:4214:46दिन
बुध14:4615:50दिन
चंद्र15:5016:53दिन
शनि16:5317:57दिन
गुरु17:5718:53रात
मंगल18:5319:50रात
सूर्य19:5020:46रात
शुक्र20:4621:42रात
बुध21:4222:39रात
चंद्र22:3923:35रात
शनि23:3500:31रात
गुरु00:3101:27रात
मंगल01:2702:24रात
सूर्य02:2403:20रात
शुक्र03:2004:16रात
बुध04:1605:13रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
30 अग॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
1 सित॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
3 सित॰ 2028भाद्रपद पूर्णिमापूर्णिमा
8 सित॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
12 सित॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
15 सित॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
16 सित॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
16 सित॰ 2028कन्या संक्रांतिसूर्य का कन्या में प्रवेश
18 सित॰ 2028आश्विन अमावस्याअमावस्या
22 सित॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां दोहा में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2573° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।