23 सितंबर 2028 को दोहा का पंचांग

शनिवार, 23 सितंबर 2028, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

शनिवार, 23 सितंबर 2028 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल पंचमी (05:42 तक), नक्षत्र अनुराधा (23:48 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 05:22 पर और सूर्यास्त 17:28 पर है। राहुकाल 08:24 से 09:55 तक है।

दिन और रात
दिन 05:22 – 17:28
रात 05:23 तक
तिथि
षष्ठी, 04:27 तक
नक्षत्र
अनुराधा, 23:48 तक
ज्येष्ठा
चौघड़िया
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

23 सितंबर 2028 का पंचांग

वारशनिवार
तिथि
शुक्ल पंचमी 05:42 तक
शुक्ल षष्ठी 04:27, 24 सित॰ तक
शुक्ल सप्तमी 04:03, 25 सित॰ तक
नक्षत्र
ज्येष्ठा 23:55, 24 सित॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 06:44 तक
प्रीति 04:38, 24 सित॰ तक
आयुष्मान 03:13, 25 सित॰ तक
करण
बालव 05:42 तक
कौलव 16:58 तक
तैतिल 04:27, 24 सित॰ तक
गर 16:08, 24 सित॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:22
सूर्यास्त
17:28
चंद्रोदय
10:15
चंद्रास्त
20:57
दिनमान
12h 6m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:47 – 04:35
अभिजीत मुहूर्त
11:01 – 11:50

अशुभ समय

राहुकाल
08:24 – 09:55
यमगंड
12:56 – 14:27
गुलिक काल
05:22 – 06:53

23 सितंबर 2028 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
काल05:22 – 06:53टालें
शुभ06:53 – 08:24शुभ
रोग08:24 – 09:55टालें
उद्वेग09:55 – 11:25टालें
चर11:25 – 12:56सामान्य
लाभ12:56 – 14:27शुभ
अमृत14:27 – 15:58शुभ
काल15:58 – 17:28टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
लाभ17:28 – 18:58शुभ
उद्वेग18:58 – 20:27टालें
शुभ20:27 – 21:56शुभ
अमृत21:56 – 23:26शुभ
चर23:26 – 00:55सामान्य
रोग00:55 – 02:24टालें
काल02:24 – 03:54टालें
लाभ03:54 – 05:23शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
शनि05:2206:23दिन
गुरु06:2307:23दिन
मंगल07:2308:24दिन
सूर्य08:2409:24दिन
शुक्र09:2410:25दिन
बुध10:2511:25दिन
चंद्र11:2512:26दिन
शनि12:2613:26दिन
गुरु13:2614:27दिन
मंगल14:2715:27दिन
सूर्य15:2716:28दिन
शुक्र16:2817:28दिन
बुध17:2818:28रात
चंद्र18:2819:27रात
शनि19:2720:27रात
गुरु20:2721:27रात
मंगल21:2722:26रात
सूर्य22:2623:26रात
शुक्र23:2600:25रात
बुध00:2501:25रात
चंद्र01:2502:24रात
शनि02:2403:24रात
गुरु03:2404:23रात
मंगल04:2305:23रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
29 सित॰ 2028शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
1 अक्टू॰ 2028प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
3 अक्टू॰ 2028आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा
7 अक्टू॰ 2028संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
11 अक्टू॰ 2028कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
14 अक्टू॰ 2028कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
16 अक्टू॰ 2028प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
17 अक्टू॰ 2028तुला संक्रांतिसूर्य का तुला में प्रवेश
18 अक्टू॰ 2028कार्तिक अमावस्याअमावस्या
21 अक्टू॰ 2028विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी

तिथियां दोहा में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2584° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।