3 जनवरी 2029 को दोहा का पंचांग

बुधवार, 3 जनवरी 2029, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

बुधवार, 3 जनवरी 2029 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण तृतीया (14:33 तक), नक्षत्र आश्लेषा (22:48 तक) और योग विष्कंभ है। सूर्योदय 06:20 पर और सूर्यास्त 16:56 पर है। राहुकाल 11:38 से 12:58 तक है।

दिन और रात
दिन 06:20 – 16:56
रात 06:20 तक
तिथि
तृतीया, 14:33 तक
चतुर्थी
नक्षत्र
आश्लेषा, 22:48 तक
मघा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

3 जनवरी 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण तृतीया 14:33 तक
कृष्ण चतुर्थी 12:19, 4 जन॰ तक
नक्षत्र
मघा 21:13, 4 जन॰ तक
योग
विष्कंभअशुभ 13:08 तक
प्रीति 10:07, 4 जन॰ तक
करण
विष्टि (भद्रा) 14:33 तक
बव 01:27, 4 जन॰ तक
बालव 12:19, 4 जन॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 22:48 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:20
सूर्यास्त
16:56
चंद्रोदय
19:54
चंद्रास्त
08:15
दिनमान
10h 37m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:32 – 05:26
अभिजीत मुहूर्त
11:17 – 11:59 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:38 – 12:58
यमगंड
07:39 – 08:59
गुलिक काल
10:18 – 11:38

3 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:20 – 07:39शुभ
अमृत07:39 – 08:59शुभ
काल08:59 – 10:18टालें
शुभ10:18 – 11:38शुभ
रोग11:38 – 12:58टालें
उद्वेग12:58 – 14:17टालें
चर14:17 – 15:37सामान्य
लाभ15:37 – 16:56शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग16:56 – 18:37टालें
शुभ18:37 – 20:17शुभ
अमृत20:17 – 21:58शुभ
चर21:58 – 23:38सामान्य
रोग23:38 – 01:19टालें
काल01:19 – 02:59टालें
लाभ02:59 – 04:39शुभ
उद्वेग04:39 – 06:20टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:2007:13दिन
चंद्र07:1308:06दिन
शनि08:0608:59दिन
गुरु08:5909:52दिन
मंगल09:5210:45दिन
सूर्य10:4511:38दिन
शुक्र11:3812:31दिन
बुध12:3113:24दिन
चंद्र13:2414:17दिन
शनि14:1715:10दिन
गुरु15:1016:03दिन
मंगल16:0316:56दिन
सूर्य16:5618:03रात
शुक्र18:0319:10रात
बुध19:1020:17रात
चंद्र20:1721:24रात
शनि21:2422:31रात
गुरु22:3123:38रात
मंगल23:3800:45रात
सूर्य00:4501:52रात
शुक्र01:5202:59रात
बुध02:5904:06रात
चंद्र04:0605:13रात
शनि05:1306:20रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
4 जन॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
7 जन॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
10 जन॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
12 जन॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
14 जन॰ 2029माघ अमावस्याअमावस्या
14 जन॰ 2029मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
18 जन॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
26 जन॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
28 जन॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
30 जन॰ 2029माघ पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां दोहा में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2623° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।