7 जनवरी 2029 को दोहा का पंचांग

रविवार, 7 जनवरी 2029, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

रविवार, 7 जनवरी 2029 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण अष्टमी (03:24, 8 जन॰ तक), नक्षत्र हस्त (16:32 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 06:20 पर और सूर्यास्त 16:59 पर है। राहुकाल 15:39 से 16:59 तक है।

दिन और रात
दिन 06:20 – 16:59
रात 06:20 तक
तिथि
अष्टमी, 03:24 तक
नवमी
नक्षत्र
हस्त, 16:32 तक
चित्रा
चौघड़िया
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 जनवरी 2029 का पंचांग

वाररविवार
तिथि
कृष्ण अष्टमी 03:24, 8 जन॰ तक
कृष्ण नवमी 01:30, 9 जन॰ तक
नक्षत्र
हस्त 16:32 तक
चित्रा 15:13, 8 जन॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 21:55 तक
सुकर्मा 19:06, 8 जन॰ तक
करण
बालव 16:26 तक
कौलव 03:24, 8 जन॰ तक
तैतिल 14:26, 8 जन॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 03:51, 8 जन॰ तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:20
सूर्यास्त
16:59
चंद्रोदय
इस दिन चंद्रोदय नहीं
चंद्रास्त
10:48
दिनमान
10h 39m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:33 – 05:27
अभिजीत मुहूर्त
11:18 – 12:01

अशुभ समय

राहुकाल
15:39 – 16:59
यमगंड
11:40 – 13:00
गुलिक काल
14:19 – 15:39

7 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग06:20 – 07:40टालें
चर07:40 – 09:00सामान्य
लाभ09:00 – 10:20शुभ
अमृत10:20 – 11:40शुभ
काल11:40 – 13:00टालें
शुभ13:00 – 14:19शुभ
रोग14:19 – 15:39टालें
उद्वेग15:39 – 16:59टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
शुभ16:59 – 18:39शुभ
अमृत18:39 – 20:20शुभ
चर20:20 – 22:00सामान्य
रोग22:00 – 23:40टालें
काल23:40 – 01:20टालें
लाभ01:20 – 03:00शुभ
उद्वेग03:00 – 04:40टालें
शुभ04:40 – 06:20शुभ

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
सूर्य06:2007:14दिन
शुक्र07:1408:07दिन
बुध08:0709:00दिन
चंद्र09:0009:53दिन
शनि09:5310:47दिन
गुरु10:4711:40दिन
मंगल11:4012:33दिन
सूर्य12:3313:26दिन
शुक्र13:2614:19दिन
बुध14:1915:13दिन
चंद्र15:1316:06दिन
शनि16:0616:59दिन
गुरु16:5918:06रात
मंगल18:0619:13रात
सूर्य19:1320:20रात
शुक्र20:2021:26रात
बुध21:2622:33रात
चंद्र22:3323:40रात
शनि23:4000:47रात
गुरु00:4701:53रात
मंगल01:5303:00रात
सूर्य03:0004:07रात
शुक्र04:0705:14रात
बुध05:1406:20रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
7 जन॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
10 जन॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
12 जन॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
14 जन॰ 2029माघ अमावस्याअमावस्या
14 जन॰ 2029मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
18 जन॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
26 जन॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
28 जन॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
30 जन॰ 2029माघ पूर्णिमापूर्णिमा
2 फ़र॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी

तिथियां दोहा में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2624° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

सूची में से सबसे नज़दीकी शहर चुनें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।