10 जनवरी 2029 को दोहा का पंचांग

बुधवार, 10 जनवरी 2029, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

बुधवार, 10 जनवरी 2029 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण एकादशी (22:26 तक), नक्षत्र विशाखा (13:15 तक) और योग शूल है। सूर्योदय 06:21 पर और सूर्यास्त 17:01 पर है। राहुकाल 11:41 से 13:01 तक है।

दिन और रात
दिन 06:21 – 17:01
रात 06:21 तक
तिथि
एकादशी, 22:26 तक
द्वादशी
नक्षत्र
विशाखा, 13:15 तक
अनुराधा
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

10 जनवरी 2029 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण एकादशी 22:26 तक
कृष्ण द्वादशी 21:20, 11 जन॰ तक
नक्षत्र
विशाखा 13:15 तक
अनुराधा 12:40, 11 जन॰ तक
योग
शूलअशुभ 14:01 तक
गंडअशुभ 11:49, 11 जन॰ तक
करण
बव 11:06 तक
बालव 22:26 तक
कौलव 09:51, 11 जन॰ तक
चंद्र राशि
तुला 07:26 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:21
सूर्यास्त
17:01
चंद्रोदय
02:10
चंद्रास्त
13:02
दिनमान
10h 41m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:34 – 05:27
अभिजीत मुहूर्त
11:20 – 12:02 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
11:41 – 13:01
यमगंड
07:41 – 09:01
गुलिक काल
10:21 – 11:41

10 जनवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ06:21 – 07:41शुभ
अमृत07:41 – 09:01शुभ
काल09:01 – 10:21टालें
शुभ10:21 – 11:41शुभ
रोग11:41 – 13:01टालें
उद्वेग13:01 – 14:21टालें
चर14:21 – 15:41सामान्य
लाभ15:41 – 17:01शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:01 – 18:41टालें
शुभ18:41 – 20:21शुभ
अमृत20:21 – 22:01शुभ
चर22:01 – 23:41सामान्य
रोग23:41 – 01:21टालें
काल01:21 – 03:01टालें
लाभ03:01 – 04:41शुभ
उद्वेग04:41 – 06:21टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध06:2107:14दिन
चंद्र07:1408:07दिन
शनि08:0709:01दिन
गुरु09:0109:54दिन
मंगल09:5410:48दिन
सूर्य10:4811:41दिन
शुक्र11:4112:34दिन
बुध12:3413:28दिन
चंद्र13:2814:21दिन
शनि14:2115:15दिन
गुरु15:1516:08दिन
मंगल16:0817:01दिन
सूर्य17:0118:08रात
शुक्र18:0819:15रात
बुध19:1520:21रात
चंद्र20:2121:28रात
शनि21:2822:34रात
गुरु22:3423:41रात
मंगल23:4100:48रात
सूर्य00:4801:54रात
शुक्र01:5403:01रात
बुध03:0104:07रात
चंद्र04:0705:14रात
शनि05:1406:21रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
10 जन॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
12 जन॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
14 जन॰ 2029माघ अमावस्याअमावस्या
14 जन॰ 2029मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
18 जन॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
26 जन॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
28 जन॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
30 जन॰ 2029माघ पूर्णिमापूर्णिमा
2 फ़र॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
6 फ़र॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी

तिथियां दोहा में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2625° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।