27 फ़रवरी 2029 को दोहा का पंचांग

मंगलवार, 27 फ़रवरी 2029, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

मंगलवार, 27 फ़रवरी 2029 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल चतुर्दशी (23:35 तक), नक्षत्र आश्लेषा (18:17 तक) और योग अतिगंड है। सूर्योदय 05:58 पर और सूर्यास्त 17:34 पर है। राहुकाल 14:40 से 16:07 तक है।

दिन और रात
दिन 05:58 – 17:34
रात 05:57 तक
तिथि
चतुर्दशी, 23:35 तक
पूर्णिमा
नक्षत्र
आश्लेषा, 18:17 तक
मघा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

27 फ़रवरी 2029 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी 23:35 तक
पूर्णिमा 20:10, 28 फ़र॰ तक
नक्षत्र
मघा 15:43, 28 फ़र॰ तक
योग
अतिगंडअशुभ 01:47, 28 फ़र॰ तक
सुकर्मा 21:46, 28 फ़र॰ तक
करण
गर 13:08 तक
वणिज 23:35 तक
विष्टि (भद्रा) 09:55, 28 फ़र॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 18:17 तक
सूर्य राशिकुंभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:58
सूर्यास्त
17:34
चंद्रोदय
16:20
चंद्रास्त
04:40
दिनमान
11h 36m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
फाल्गुन
मास (पूर्णिमांत)
फाल्गुन
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950, कीलक संवत्सर
ऋतु
शिशिर
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:19 – 05:08
अभिजीत मुहूर्त
11:23 – 12:09

अशुभ समय

राहुकाल
14:40 – 16:07
यमगंड
08:52 – 10:19
गुलिक काल
11:46 – 13:13

27 फ़रवरी 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग05:58 – 07:25टालें
उद्वेग07:25 – 08:52टालें
चर08:52 – 10:19सामान्य
लाभ10:19 – 11:46शुभ
अमृत11:46 – 13:13शुभ
काल13:13 – 14:40टालें
शुभ14:40 – 16:07शुभ
रोग16:07 – 17:34टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:34 – 19:07टालें
लाभ19:07 – 20:40शुभ
उद्वेग20:40 – 22:13टालें
शुभ22:13 – 23:46शुभ
अमृत23:46 – 01:19शुभ
चर01:19 – 02:51सामान्य
रोग02:51 – 04:24टालें
काल04:24 – 05:57टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल05:5806:56दिन
सूर्य06:5607:54दिन
शुक्र07:5408:52दिन
बुध08:5209:50दिन
चंद्र09:5010:48दिन
शनि10:4811:46दिन
गुरु11:4612:44दिन
मंगल12:4413:42दिन
सूर्य13:4214:40दिन
शुक्र14:4015:38दिन
बुध15:3816:36दिन
चंद्र16:3617:34दिन
शनि17:3418:36रात
गुरु18:3619:38रात
मंगल19:3820:40रात
सूर्य20:4021:42रात
शुक्र21:4222:44रात
बुध22:4423:46रात
चंद्र23:4600:48रात
शनि00:4801:50रात
गुरु01:5002:51रात
मंगल02:5103:53रात
सूर्य03:5304:55रात
शुक्र04:5505:57रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
28 फ़र॰ 2029फाल्गुन पूर्णिमापूर्णिमा
4 मार्च 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
7 मार्च 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
10 मार्च 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
12 मार्च 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
14 मार्च 2029चैत्र अमावस्याअमावस्या
14 मार्च 2029मीन संक्रांतिसूर्य का मीन में प्रवेश
19 मार्च 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
26 मार्च 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
28 मार्च 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी

तिथियां दोहा में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2644° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।