8 अक्टूबर 2029 को दोहा का पंचांग

सोमवार, 8 अक्टूबर 2029, दोहा, Qatar। समय Asia/Qatar में है।

सोमवार, 8 अक्टूबर 2029 को दोहा में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल प्रतिपदा (18:25 तक), नक्षत्र चित्रा (23:37 तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 05:29 पर और सूर्यास्त 17:13 पर है। राहुकाल 06:57 से 08:25 तक है।

दिन और रात
दिन 05:29 – 17:13
रात 05:29 तक
तिथि
प्रतिपदा, 18:25 तक
द्वितीया
नक्षत्र
चित्रा, 23:37 तक
स्वाति
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

8 अक्टूबर 2029 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा 18:25 तक
शुक्ल द्वितीया 14:40, 9 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
चित्रा 23:37 तक
स्वाति 20:43, 9 अक्टू॰ तक
योग
इंद्र 06:32 तक
वैधृतिअशुभ 02:14, 9 अक्टू॰ तक
विष्कंभअशुभ 22:03, 9 अक्टू॰ तक
करण
किंस्तुघ्न 08:20 तक
बव 18:25 तक
बालव 04:32, 9 अक्टू॰ तक
कौलव 14:40, 9 अक्टू॰ तक
चंद्र राशि
कन्या 13:08 तक
सूर्य राशिकन्या
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:29
सूर्यास्त
17:13
चंद्रोदय
05:55
चंद्रास्त
17:28
दिनमान
11h 44m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
आश्विन
मास (पूर्णिमांत)
आश्विन
विक्रम संवत
2086
शक संवत
1951, सौम्य संवत्सर
ऋतु
शरद
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
03:51 – 04:40
अभिजीत मुहूर्त
10:57 – 11:44

अशुभ समय

राहुकाल
06:57 – 08:25
यमगंड
09:53 – 11:21
गुलिक काल
12:49 – 14:17

8 अक्टूबर 2029 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:29 – 06:57शुभ
काल06:57 – 08:25टालें
शुभ08:25 – 09:53शुभ
रोग09:53 – 11:21टालें
उद्वेग11:21 – 12:49टालें
चर12:49 – 14:17सामान्य
लाभ14:17 – 15:45शुभ
अमृत15:45 – 17:13शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर17:13 – 18:45सामान्य
रोग18:45 – 20:17टालें
काल20:17 – 21:49टालें
लाभ21:49 – 23:21शुभ
उद्वेग23:21 – 00:53टालें
शुभ00:53 – 02:25शुभ
अमृत02:25 – 03:57शुभ
चर03:57 – 05:29सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:2906:27दिन
शनि06:2707:26दिन
गुरु07:2608:25दिन
मंगल08:2509:23दिन
सूर्य09:2310:22दिन
शुक्र10:2211:21दिन
बुध11:2112:19दिन
चंद्र12:1913:18दिन
शनि13:1814:17दिन
गुरु14:1715:15दिन
मंगल15:1516:14दिन
सूर्य16:1417:13दिन
शुक्र17:1318:14रात
बुध18:1419:16रात
चंद्र19:1620:17रात
शनि20:1721:18रात
गुरु21:1822:20रात
मंगल22:2023:21रात
सूर्य23:2100:22रात
शुक्र00:2201:24रात
बुध01:2402:25रात
चंद्र02:2503:26रात
शनि03:2604:28रात
गुरु04:2805:29रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
11 अक्टू॰ 2029विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
17 अक्टू॰ 2029शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
17 अक्टू॰ 2029तुला संक्रांतिसूर्य का तुला में प्रवेश
20 अक्टू॰ 2029प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
22 अक्टू॰ 2029आश्विन पूर्णिमापूर्णिमा
26 अक्टू॰ 2029संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
30 अक्टू॰ 2029कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
2 नव॰ 2029कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
4 नव॰ 2029प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
6 नव॰ 2029कार्तिक अमावस्याअमावस्या

तिथियां दोहा में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2729° (लाहिड़ी)। समय दोहा (Asia/Qatar) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।