9 दिसंबर 2025 को दुबई का पंचांग

मंगलवार, 9 दिसंबर 2025, दुबई, संयुक्त अरब अमीरात। समय Asia/Dubai में है।

मंगलवार, 9 दिसंबर 2025 को दुबई में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (12:59 तक), नक्षत्र आश्लेषा (00:52, 10 दिस॰ तक) और योग इंद्र है। सूर्योदय 06:52 पर और सूर्यास्त 17:29 पर है। राहुकाल 14:50 से 16:10 तक है।

दिन और रात
दिन 06:52 – 17:29
रात 06:53 तक
तिथि
पंचमी, 12:59 तक
षष्ठी
नक्षत्र
आश्लेषा, 00:52 तक
मघा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

9 दिसंबर 2025 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 12:59 तक
कृष्ण षष्ठी 12:17, 10 दिस॰ तक
नक्षत्र
आश्लेषा 00:52, 10 दिस॰ तक
मघा 01:14, 11 दिस॰ तक
योग
इंद्र 13:03 तक
वैधृतिअशुभ 11:16, 10 दिस॰ तक
करण
तैतिल 12:59 तक
गर 00:31, 10 दिस॰ तक
वणिज 12:17, 10 दिस॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 00:52, 10 दिस॰ तक
सूर्य राशिवृश्चिक
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
06:52
सूर्यास्त
17:29
चंद्रोदय
22:17
चंद्रास्त
10:58
दिनमान
10h 37m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
मार्गशीर्ष
मास (पूर्णिमांत)
पौष
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:05 – 05:59
अभिजीत मुहूर्त
11:49 – 12:32

अशुभ समय

राहुकाल
14:50 – 16:10
यमगंड
09:32 – 10:51
गुलिक काल
12:11 – 13:30

9 दिसंबर 2025 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग06:52 – 08:12टालें
उद्वेग08:12 – 09:32टालें
चर09:32 – 10:51सामान्य
लाभ10:51 – 12:11शुभ
अमृत12:11 – 13:30शुभ
काल13:30 – 14:50टालें
शुभ14:50 – 16:10शुभ
रोग16:10 – 17:29टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:29 – 19:10टालें
लाभ19:10 – 20:50शुभ
उद्वेग20:50 – 22:31टालें
शुभ22:31 – 00:11शुभ
अमृत00:11 – 01:52शुभ
चर01:52 – 03:32सामान्य
रोग03:32 – 05:12टालें
काल05:12 – 06:53टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल06:5207:45दिन
सूर्य07:4508:38दिन
शुक्र08:3809:32दिन
बुध09:3210:25दिन
चंद्र10:2511:18दिन
शनि11:1812:11दिन
गुरु12:1113:04दिन
मंगल13:0413:57दिन
सूर्य13:5714:50दिन
शुक्र14:5015:43दिन
बुध15:4316:36दिन
चंद्र16:3617:29दिन
शनि17:2918:36रात
गुरु18:3619:43रात
मंगल19:4320:50रात
सूर्य20:5021:57रात
शुक्र21:5723:04रात
बुध23:0400:11रात
चंद्र00:1101:18रात
शनि01:1802:25रात
गुरु02:2503:32रात
मंगल03:3204:39रात
सूर्य04:3905:46रात
शुक्र05:4606:53रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
12 दिस॰ 2025कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
15 दिस॰ 2025कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
16 दिस॰ 2025धनु संक्रांतिसूर्य का धनु में प्रवेश
17 दिस॰ 2025प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
19 दिस॰ 2025पौष अमावस्याअमावस्या
24 दिस॰ 2025विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
30 दिस॰ 2025शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
1 जन॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
3 जन॰ 2026पौष पूर्णिमापूर्णिमा
6 जन॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी

तिथियां दुबई में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2194° (लाहिड़ी)। समय दुबई (Asia/Dubai) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।