7 जनवरी 2026 को दुबई का पंचांग

बुधवार, 7 जनवरी 2026, दुबई, संयुक्त अरब अमीरात। समय Asia/Dubai में है।

बुधवार, 7 जनवरी 2026 को दुबई में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण पंचमी (05:04, 8 जन॰ तक), नक्षत्र मघा (10:26 तक) और योग आयुष्मान है। सूर्योदय 07:05 पर और सूर्यास्त 17:44 पर है। राहुकाल 12:25 से 13:45 तक है।

दिन और रात
दिन 07:05 – 17:44
रात 07:05 तक
तिथि
पंचमी, 05:04 तक
षष्ठी
नक्षत्र
मघा, 10:26 तक
पूर्वा फाल्गुनी
चौघड़िया
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

7 जनवरी 2026 का पंचांग

वारबुधवार
तिथि
कृष्ण पंचमी 05:04, 8 जन॰ तक
कृष्ण षष्ठी 05:35, 9 जन॰ तक
नक्षत्र
मघा 10:26 तक
योग
आयुष्मान 17:03 तक
सौभाग्य 15:55, 8 जन॰ तक
करण
कौलव 17:07 तक
तैतिल 05:04, 8 जन॰ तक
गर 17:13, 8 जन॰ तक
चंद्र राशि
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:05
सूर्यास्त
17:44
चंद्रोदय
21:58
चंद्रास्त
10:04
दिनमान
10h 39m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:18 – 06:12
अभिजीत मुहूर्त
12:03 – 12:46 (बुधवार को पारंपरिक रूप से वर्जित)

अशुभ समय

राहुकाल
12:25 – 13:45
यमगंड
08:25 – 09:45
गुलिक काल
11:05 – 12:25

7 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
लाभ07:05 – 08:25शुभ
अमृत08:25 – 09:45शुभ
काल09:45 – 11:05टालें
शुभ11:05 – 12:25शुभ
रोग12:25 – 13:45टालें
उद्वेग13:45 – 15:04टालें
चर15:04 – 16:24सामान्य
लाभ16:24 – 17:44शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
उद्वेग17:44 – 19:24टालें
शुभ19:24 – 21:04शुभ
अमृत21:04 – 22:45शुभ
चर22:45 – 00:25सामान्य
रोग00:25 – 02:05टालें
काल02:05 – 03:45टालें
लाभ03:45 – 05:25शुभ
उद्वेग05:25 – 07:05टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
बुध07:0507:58दिन
चंद्र07:5808:52दिन
शनि08:5209:45दिन
गुरु09:4510:38दिन
मंगल10:3811:31दिन
सूर्य11:3112:25दिन
शुक्र12:2513:18दिन
बुध13:1814:11दिन
चंद्र14:1115:04दिन
शनि15:0415:58दिन
गुरु15:5816:51दिन
मंगल16:5117:44दिन
सूर्य17:4418:51रात
शुक्र18:5119:58रात
बुध19:5821:04रात
चंद्र21:0422:11रात
शनि22:1123:18रात
गुरु23:1800:25रात
मंगल00:2501:32रात
सूर्य01:3202:38रात
शुक्र02:3803:45रात
बुध03:4504:52रात
चंद्र04:5205:59रात
शनि05:5907:05रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
10 जन॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
14 जन॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
14 जन॰ 2026मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
16 जन॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
18 जन॰ 2026माघ अमावस्याअमावस्या
22 जन॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
29 जन॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
30 जन॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
1 फ़र॰ 2026माघ पूर्णिमापूर्णिमा
5 फ़र॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी

तिथियां दुबई में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2205° (लाहिड़ी)। समय दुबई (Asia/Dubai) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।