6 जनवरी 2026 को दुबई का पंचांग

मंगलवार, 6 जनवरी 2026, दुबई, संयुक्त अरब अमीरात। समय Asia/Dubai में है।

मंगलवार, 6 जनवरी 2026 को दुबई में सूर्योदय के समय तिथि कृष्ण चतुर्थी (05:23, 7 जन॰ तक), नक्षत्र आश्लेषा (10:47 तक) और योग प्रीति है। सूर्योदय 07:05 पर और सूर्यास्त 17:43 पर है। राहुकाल 15:04 से 16:24 तक है।

दिन और रात
दिन 07:05 – 17:43
रात 07:05 तक
तिथि
चतुर्थी, 05:23 तक
पंचमी
नक्षत्र
आश्लेषा, 10:47 तक
मघा
चौघड़िया
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

6 जनवरी 2026 का पंचांग

वारमंगलवार
तिथि
कृष्ण चतुर्थी 05:23, 7 जन॰ तक
कृष्ण पंचमी 05:04, 8 जन॰ तक
नक्षत्र
मघा 10:26, 7 जन॰ तक
योग
प्रीति 18:51 तक
आयुष्मान 17:03, 7 जन॰ तक
करण
बव 17:51 तक
बालव 05:23, 7 जन॰ तक
कौलव 17:07, 7 जन॰ तक
चंद्र राशि
कर्क 10:47 तक
सूर्य राशिधनु
पक्षकृष्ण पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
07:05
सूर्यास्त
17:43
चंद्रोदय
21:00
चंद्रास्त
09:29
दिनमान
10h 38m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
पौष
मास (पूर्णिमांत)
माघ
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947, विश्वावसु संवत्सर
ऋतु
हेमंत
अयन
दक्षिणायन

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
05:18 – 06:12
अभिजीत मुहूर्त
12:03 – 12:46

अशुभ समय

राहुकाल
15:04 – 16:24
यमगंड
09:45 – 11:04
गुलिक काल
12:24 – 13:44

6 जनवरी 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
रोग07:05 – 08:25टालें
उद्वेग08:25 – 09:45टालें
चर09:45 – 11:04सामान्य
लाभ11:04 – 12:24शुभ
अमृत12:24 – 13:44शुभ
काल13:44 – 15:04टालें
शुभ15:04 – 16:24शुभ
रोग16:24 – 17:43टालें
रात का चौघड़ियासमयफल
काल17:43 – 19:24टालें
लाभ19:24 – 21:04शुभ
उद्वेग21:04 – 22:44टालें
शुभ22:44 – 00:24शुभ
अमृत00:24 – 02:05शुभ
चर02:05 – 03:45सामान्य
रोग03:45 – 05:25टालें
काल05:25 – 07:05टालें

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
मंगल07:0507:58दिन
सूर्य07:5808:51दिन
शुक्र08:5109:45दिन
बुध09:4510:38दिन
चंद्र10:3811:31दिन
शनि11:3112:24दिन
गुरु12:2413:17दिन
मंगल13:1714:11दिन
सूर्य14:1115:04दिन
शुक्र15:0415:57दिन
बुध15:5716:50दिन
चंद्र16:5017:43दिन
शनि17:4318:50रात
गुरु18:5019:57रात
मंगल19:5721:04रात
सूर्य21:0422:11रात
शुक्र22:1123:18रात
बुध23:1800:24रात
चंद्र00:2401:31रात
शनि01:3102:38रात
गुरु02:3803:45रात
मंगल03:4504:52रात
सूर्य04:5205:58रात
शुक्र05:5807:05रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
6 जन॰ 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
10 जन॰ 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
14 जन॰ 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
14 जन॰ 2026मकर संक्रांतिसूर्य का मकर में प्रवेश
16 जन॰ 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
18 जन॰ 2026माघ अमावस्याअमावस्या
22 जन॰ 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
29 जन॰ 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
30 जन॰ 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
1 फ़र॰ 2026माघ पूर्णिमापूर्णिमा

तिथियां दुबई में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2205° (लाहिड़ी)। समय दुबई (Asia/Dubai) के स्थानीय हैं।

अगले 30 दिनों के त्योहार

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।