18 मई 2026 को दुबई का पंचांग

सोमवार, 18 मई 2026, दुबई, संयुक्त अरब अमीरात। समय Asia/Dubai में है।

सोमवार, 18 मई 2026 को दुबई में सूर्योदय के समय तिथि शुक्ल द्वितीया (16:23 तक), नक्षत्र रोहिणी (10:02 तक) और योग सुकर्मा है। सूर्योदय 05:32 पर और सूर्यास्त 18:57 पर है। राहुकाल 07:13 से 08:54 तक है।

दिन और रात
दिन 05:32 – 18:57
रात 05:32 तक
तिथि
द्वितीया, 16:23 तक
तृतीया
नक्षत्र
रोहिणी, 10:02 तक
मृगशिरा
चौघड़िया
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
राहुकाल, यमगंड और गुलिक
राहु
यम
गुलिक
अभिजीत और ब्रह्म मुहूर्त

18 मई 2026 का पंचांग

वारसोमवार
तिथि
शुक्ल द्वितीया 16:23 तक
शुक्ल तृतीया 12:48, 19 मई तक
नक्षत्र
रोहिणी 10:02 तक
मृगशिरा 07:11, 19 मई तक
योग
सुकर्मा 20:17 तक
धृति 16:18, 19 मई तक
करण
बालव 06:16 तक
कौलव 16:23 तक
तैतिल 02:34, 19 मई तक
गर 12:48, 19 मई तक
चंद्र राशि
वृषभ 20:35 तक
सूर्य राशिवृषभ
पक्षशुक्ल पक्ष

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय
05:32
सूर्यास्त
18:57
चंद्रोदय
06:33
चंद्रास्त
21:05
दिनमान
13h 25m

हिंदू कैलेंडर

मास (अमांत)
अधिक ज्येष्ठ
मास (पूर्णिमांत)
अधिक ज्येष्ठ
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948, पराभव संवत्सर
ऋतु
ग्रीष्म
अयन
उत्तरायण

शुभ समय

ब्रह्म मुहूर्त
04:08 – 04:50
अभिजीत मुहूर्त
11:48 – 12:42

अशुभ समय

राहुकाल
07:13 – 08:54
यमगंड
10:34 – 12:15
गुलिक काल
13:56 – 15:36

18 मई 2026 का चौघड़िया

चौघड़िया दिन (सूर्योदय से सूर्यास्त) और रात (सूर्यास्त से अगले सूर्योदय) को आठ-आठ भागों में बांटता है। अमृत, शुभ और लाभ कार्य शुरू करने के लिए अच्छे हैं; चर यात्रा के लिए अच्छा है; उद्वेग, काल और रोग में नई शुरुआत से बचना बेहतर है।

दिन का चौघड़ियासमयफल
अमृत05:32 – 07:13शुभ
काल07:13 – 08:54टालें
शुभ08:54 – 10:34शुभ
रोग10:34 – 12:15टालें
उद्वेग12:15 – 13:56टालें
चर13:56 – 15:36सामान्य
लाभ15:36 – 17:17शुभ
अमृत17:17 – 18:57शुभ
रात का चौघड़ियासमयफल
चर18:57 – 20:17सामान्य
रोग20:17 – 21:36टालें
काल21:36 – 22:55टालें
लाभ22:55 – 00:15शुभ
उद्वेग00:15 – 01:34टालें
शुभ01:34 – 02:53शुभ
अमृत02:53 – 04:13शुभ
चर04:13 – 05:32सामान्य

होरा (ग्रहों के घंटे)

हर होरा दिन या रात का बारहवां भाग होता है और उस पर एक ग्रह का शासन होता है; सूर्योदय पर पहला होरा वार के स्वामी का होता है। किसी ग्रह के होरा का उपयोग उसके कारक कार्यों के लिए करें — पढ़ाई के लिए गुरु, कला के लिए शुक्र, व्यापार के लिए बुध।

होरा स्वामीसेतकदिन / रात
चंद्र05:3206:40दिन
शनि06:4007:47दिन
गुरु07:4708:54दिन
मंगल08:5410:01दिन
सूर्य10:0111:08दिन
शुक्र11:0812:15दिन
बुध12:1513:22दिन
चंद्र13:2214:29दिन
शनि14:2915:36दिन
गुरु15:3616:43दिन
मंगल16:4317:50दिन
सूर्य17:5018:57दिन
शुक्र18:5719:50रात
बुध19:5020:43रात
चंद्र20:4321:36रात
शनि21:3622:29रात
गुरु22:2923:22रात
मंगल23:2200:15रात
सूर्य00:1501:08रात
शुक्र01:0802:01रात
बुध02:0102:53रात
चंद्र02:5303:46रात
शनि03:4604:39रात
गुरु04:3905:32रात

आने वाले व्रत और तिथियां

तारीखव्रत/पर्वतिथि / घटना
20 मई 2026विनायक चतुर्थीशुक्ल चतुर्थी
26 मई 2026शुक्ल एकादशीशुक्ल एकादशी
29 मई 2026प्रदोष व्रतशुक्ल त्रयोदशी
31 मई 2026अधिक ज्येष्ठ पूर्णिमापूर्णिमा
4 जून 2026संकष्टी चतुर्थीकृष्ण चतुर्थी
8 जून 2026कालाष्टमीकृष्ण अष्टमी
11 जून 2026कृष्ण एकादशीकृष्ण एकादशी
13 जून 2026प्रदोष व्रतकृष्ण त्रयोदशी
15 जून 2026अधिक ज्येष्ठ अमावस्याअमावस्या
15 जून 2026मिथुन संक्रांतिसूर्य का मिथुन में प्रवेश

तिथियां दुबई में स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि के अनुसार हैं। कुछ त्योहार अन्य नियमों से मनाए जाते हैं (जैसे चंद्रोदय या प्रदोष काल पर), इसलिए स्थानीय परंपरा में एक दिन का अंतर हो सकता है। सभी व्रत तिथियां →

अयनांश 24.2255° (लाहिड़ी)। समय दुबई (Asia/Dubai) के स्थानीय हैं।

किसी अन्य शहर का पंचांग

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंचांग क्या है?

पंचांग हिंदू कैलेंडर है। इसके पाँच अंग हैं: तिथि (चंद्र दिवस), वार (सप्ताह का दिन), नक्षत्र, योग और करण। सूर्योदय, राहु काल और मुहूर्त के समय के साथ मिलकर इनका उपयोग शुभ समय चुनने के लिए किया जाता है।

पंचांग हर शहर में अलग क्यों होता है?

सूर्योदय, सूर्यास्त, राहु काल, चौघड़िया और सूर्योदय के समय की तिथि, सब आपके स्थान पर निर्भर करते हैं। तिथि और नक्षत्र के समाप्त होने का क्षण हर जगह एक ही होता है, पर इसे आपके स्थानीय समय में दिखाया जाता है।

दिन के लिए कौन-सी तिथि मानी जाती है?

परंपरागत रूप से स्थानीय सूर्योदय के समय की तिथि (उदया तिथि) ज़्यादातर व्रत-त्योहारों के लिए पूरे दिन मान्य होती है। अगर कोई तिथि दो सूर्योदयों के बीच ही शुरू होकर समाप्त हो जाए, तो उसे क्षय तिथि कहते हैं।

राहु काल की गणना कैसे होती है?

सूर्योदय से सूर्यास्त तक के समय को आठ बराबर भागों में बाँटा जाता है। राहु काल रविवार को 8वाँ, सोमवार को 2रा, मंगलवार को 7वाँ, बुधवार को 5वाँ, गुरुवार को 6ठा, शुक्रवार को 4था और शनिवार को 3रा भाग होता है।

यह पंचांग कौन-सा अयनांश इस्तेमाल करता है?

लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश, जो भारतीय राष्ट्रीय कैलेंडर और उत्तर भारत के अधिकांश पंचांगों का मानक है। सूर्योदय वह क्षण माना जाता है जब सूर्य का ऊपरी किनारा क्षितिज पर दिखाई देता है, सामान्य वायुमंडलीय अपवर्तन के साथ।